एमसीडी का वर्ष 2025-26 का बजट बुधवार को पास करने के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी पार्षदों के बीच टकराव होने के आसार हैं। दोनों दलों ने सदन में अपने-अपने प्रस्ताव पेश किए हैं। भाजपा के अधिकतर प्रस्ताव स्कूलों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, सफाई व्यवस्था में सुधार, कूड़े व मलबे की समस्या दूर करने आदि समस्याओं का समाधान करने से जुड़े हुए हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के स्कूलों में बेहतर सुविधा उपलब्ध, सफाई व्यवस्था में सुधार, कूड़े व मलबे की समस्या दूर करने, मेयर समेत अन्य मदों में राशि कम करने के प्रस्ताव दिए है। किसी भी दल के पास पूर्ण बहुमत न होने के कारण उन्हें अपने प्रस्ताव पास कराने में परेशानी हो सकती है। इस कारण कांग्रेस पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है।
भाजपा ने अपने प्रस्तावों में स्कूल भवनों के रखरखाव, सफाई सेवाओं के सुधार, छठ पूजा व अन्य त्योहारों की सुविधाओं, लावारिश कुत्तों की नसबंदी, सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए बजट बढ़ाने की बात कही है। दूसरी ओर आप ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, महापौर निधि में कटौती, सड़कों के रखरखाव मद में कटौती कर इसे पार्षदों के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में स्थानांतरित करने जैसे प्रस्ताव रखे हैं। इसके अलावा भाजपा ने सफाई सेवाओं के सुधार के मद में 18 करोड़ रुपये की कटौती कर सामुदायिक केंद्रों के निर्माण पर लगाने का प्रस्ताव रखा है, जबकि आप ने सफाई व कूड़ा निस्तारण जैसे मदों में कटौती कर कर्मचारियों के वेतन मद में वृद्धि की मांग की है।
कांग्रेस का रुख करेगा फैसला
सदन में भाजपा को आप पर सिर्फ चार पार्षदों की बढ़त हासिल है, लेकिन कांग्रेस पार्षद जिस पक्ष का समर्थन करेंगे, उसके प्रस्तावों को पारित कराने में मदद मिलेगी। कांग्रेस अभी तक अपने रुख को लेकर स्पष्ट नहीं है, लेकिन अगर वह मतदान से दूर रहती है तो भाजपा के प्रस्ताव पास होने की संभावना अधिक है। यदि कांग्रेस ने आप का समर्थन किया तो कर्मचारियों के वेतन और नियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव पास हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्षदों की राय बंटी हुई है। कुछ पार्षद कर्मचारियों के समर्थन में हैं, जबकि कुछ सफाई और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने के पक्ष में हैं।
राजनीतिक असर और आगे की रणनीति
एमसीडी का बजट पास करने के लिए बुधवार को होने वाली बैठक राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। इस दौरान एमसीडी सदन में कांग्रेस की स्थिति साफ हो जाएगी। इस दौरान यह मालूम होने की संभावना है कि सदन में किस दल का पलड़ा भारी है और कांग्रेस की किस दल को लाभ पहुंचाने की योजना है।
आप का 121 पदों की कटौती का विरोध : एमसीडी के 2025-26 के बजट अनुमानों के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों के पदों में कटौती का आप ने विरोध जताया है। एमसीडी में प्रस्तावित संशोधन के तहत विभिन्न विभागों में 121 पदों की कटौती का प्रस्ताव है। आम आदमी पार्टी ने इस प्रस्ताव को निरस्त करने का प्रस्ताव पेश किया है। उसने कहा है कि किसी भी लेखाशीर्ष में वर्तमान में स्थापित पदों को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए न ही कोई अतिरिक्त पद सृजित किया जाना चाहिए।
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