सेक्टर-58 थाना अंतर्गत कनावनी गांव में पुजारी की हत्या करके शव हनुमान मंदिर के बाहर फेंक दिया गया। शरीर पर चोट के निशान पाए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वजह ब्रेन हेमरेज और पिटाई की बात सामने आई। सेक्टर-58 पुलिस मामले की जांच में जुट गई और 10 घंटे के भीतर हत्याकांड का अनावरण करके तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने खुलासा किया कि पुजारी एक शख्स से कुकर्म कर रहा था जिसके विरोध में पीड़ित ने तीन साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी।
रात को उठकर कुकर्म करने लगा था पुजारी
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड निवासी पुजारी रेवतीबल्लभ नैथानी (40) न्यायखंड-1 में रहता था। वह मंदिरों व लोगों के घर पूजा पाठ करता था।
नैथानी के चचेरे भाई अशोक ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को उनकी पत्नी विमला गांव जाने के लिए उन्हें मोहन नगर स्थित बस स्टेंड छोड़ने आई थी और बस में बैठा दिया था।
शुक्रवार सुबह कनावनी गांव के कुछ लोग जब सैर पर निकले तो उन्होंने देखा कि गांव में ही बने हनुमान मंदिर के बाहर शव पड़ा हुआ है। मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई।
अन्य पुजारी ने शव की शिनाख्त कर ली
मौके पर सेक्टर-58 पुलिस पहुंची और छानबीन की। उसी मंदिर पर रहने वाले एक अन्य पुजारी ने शव की शिनाख्त कर ली। उसके बाद पुलिस ने नैथानी के परिजनों को बुलाया।
घटना की सूचना पाकर उत्तराखंड के सैकड़ों लोग भी जुट गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पुजारी बस से घर जाने के बजाय वापस मंदिर में आकर सो गया था।
वहां पहले से एक रवि (परिवर्तित नाम), किशोर, सतेंद्र और बाबा बालकराम सो रहे थे। रात करीब 12 बजे रेवतीबल्लभ ने रवि से कुकर्म किया। रवि ने शोर मचाया तो उसके तीनों साथी जाग गए और उन्होंने रेवतीबल्लभ की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
किसी को उन पर शक न हो तो उन्होंने शव मंदिर के बाहर फेंक दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।