सत्रह साल से महिला ने जिस डॉक्टर से इलाज करवाया उसे ही हनी ट्रैप में शिकार बना लिया। एक महिला सहयोगी की मदद से आरोपी ने डॉक्टर पर रेप का आरोप लगवाया और उससे 50 लाख रुपये मांगे।
30 लाख में सौदा तय करने के बाद आरोपियों ने डॉक्टर से साढ़े 19 लाख रुपये की उगाही कर ली। बाकी रकम देने के बदले डॉक्टर ने मामले की शिकायत हरि नगर थाने में कर दी।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित डॉक्टर डीडीयू अस्पताल में एचओडी के पद पर कार्यरत हैं। वह सपरिवार द्वारका इलाके में रहते हैं। गत 4 नवंबर को पीड़ित ने हरि नगर थाने में हनी ट्रैप के जरिए साढ़े 19 लाख रुपये उगाही करने की शिकायत की।
शिकायत में डॉक्टर ने बताया कि वर्ष 1998-99 में वह गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में कार्यरत थे। उसी दौरान कुलदीप नाम की महिला मां के साथ इलाज करवाने आई थी।
डॉक्टर को बस स्टॉप छोड़ने के लिए कहा
उसे पेट में दर्द रहता था। इलाज के दौरान कुलदीप ने डॉक्टर का मोबाइल नंबर ले लिया। फिलहाल डॉक्टर की तैनाती डीडीयू अस्पताल में है। डॉक्टर के मुताबिक गत एक डेढ़ माह पहले कुलदीप ने फोन किया और एक परिचित का इलाज करवाने की बात कही।
अगले दिन 21 वर्षीय युवती रूखसार अस्पताल पहुंची। जिसे देखने के बाद डॉक्टर ने दवाई दे दी। गत 19 अक्तूबर को रूखसार ने डॉक्टर को फोन कर बताया कि उसके पेट में काफी दर्द है।
चूंकि उस समय डॉक्टर पीतमपुरा स्थित अपने घर की साफ सफाई करवा रहे थे। रूखसार उन्हें रोहिणी में होने की बात कहकर उनके घर चली गई। इलाज के बाद डॉक्टर घर से निकलने लगे।
रूखसार ने उन्हें बस स्टॉप पर छोड़ने के लिए कहा। उसने बताया कि भाई भाभी आ रही है। कुछ देर के बाद एक महिला व पुरुष वहां पहुंचे और रूखसार ने बात की। फिर दोनों कार में बैठ गए।
रेप का आरोप लगाकर धमकाना किया शुरू
महिला डॉक्टर पर रूखसार के साथ रेप करने का आरोप लगाकर धमकाना शुरू कर दिया। फिर सौ नंबर पर फोन करने की धमकी देकर कुलदीप के प्लेसमेंट एजेंसी पर चलने के लिए कहा।
जहां उन लोगों ने डॉक्टर की पिटाई की और रेप की शिकायत दर्ज करने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की मांग की। सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ। बीस लाख पहले देने की बात हुई।
डॉक्टर ने समाज की डर से साढ़े 19 लाख रुपये दे दिए। 4 नवंबर को 10 लाख रुपये और देने थे। लेकिन डॉक्टर ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए कुलदीप और रूखसार को गिरफ्तार कर लिया है।