ठंड का प्रकोप के साथ ही स्वाइन फ्लू का कहर भी शुरू हो गया है। सोमवार को गाजियाबाद में इस मौसम में स्वाइन फ्लू से पहली मौत हुई। महिला को एक दिन पहले ही यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया था।
गांव सदरपुर में रहने वाले सुभाष की पत्नी को 47 वर्षीया उर्मिला को कुछ दिनों से तेज बुखार और हाथ-पैर कमर में दर्द की शिकायत थी। स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज कराया जा रहा था।
रविवार को हालत बिगड़ी तो परिजनों ने उर्मिला को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें स्वाइन फ्लू की पुष्टि करते हुए इलाज शुरू किया। सोमवार देर शाम इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
मेडिकल सुप्रीन्टेंडेंट डॉ. संगीता गर्ग ने बताया कि महिला को गंभीर हालत में रविवार को अस्पताल लाया गया था उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है।
सीएमओ डॉ अजेय अग्रवाल का कहना है कि यशोदा अस्पताल में महिला की मौत हुई है। मामले की रिपोर्ट सैंपल आते ही जांच की जाएगी।
बता दें कि स्वाइन फ्लू से विगत वर्ष भी गाजियाबाद में तीन मौतें हुईं थीं। डीएम विमल कुमार शर्मा भी इसकी चपेट में आ गए थे। इसके चलते उन्हें पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
अभी तक नहीं आई हैं स्वाइन फ्लू की दवाएं
स्वाइन फ्लू को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना रहा। यही कारण रहा कि सोमवार को स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत हो गई। दरअसल मौसम में नरमी आने के कारण स्वाइन फ्लू से स्वास्थ्य विभाग लापरवाह हो गया था।
दिसंबर में अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश जारी हो गए थे, लेकिन अस्पताल में अभी तक स्वाइन फ्लू की दवाओं की खेप तक नहीं आई है।
इसके अलावा इस बार सीएचसी-पीएचसी पर भी स्वाइन फ्लू के जांच कराने की सुविधा शुरू करने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं शुरू हुआ है।
सैंपल जांच की नहीं सुविधा: स्वाइन फ्लू के सैंपल जांच की सुविधा प्रदेश में सिर्फ लखनऊ केपीजीआई में ही है। प्रदेश के किसी भी जिले में स्वाइन लू सेल का गठन नहीं है।
अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीज का इलाज करते वक्त पहने जाने वाले जरूरी मास्क और दस्तानों का भी जबरदस्त अभाव है।