नई दिल्ली। समाज में ऐसे अनेक लोग, स्थान और जीवन-कथाएं हैं जो सुर्खियों से दूर रहते हैं, लेकिन अपने भीतर असाधारण संघर्ष, संवेदनाएं और प्रेरणा समेटे होते हैं। इन्हीं अनदेखे चेहरों और अनसुनी कहानियों को सामने लाने का प्रयास कर रही है ‘अनसंग: सेलिब्रेटिंग द एक्स्ट्राऑर्डिनरी ग्रैंड्योर ऑफ स्मॉलनेस’ फोटोग्राफी प्रदर्शनी।
यह प्रदर्शनी इन दिनों इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) के कमलादेवी परिसर स्थित आर्ट गैलरी में लगी है। प्रदर्शनी का क्यूरेशन वरिष्ठ फोटोग्राफर और यूएनसंग प्रोजेक्ट के संस्थापक अमित मेहरा ने किया है। यह परियोजना लंबे समय से उन लोगों के जीवन और योगदान को दस्तावेजित कर रही है, जो समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद अक्सर पहचान से वंचित रह जाते हैं।
प्रदर्शनी में समकालीन कलाकारों की तस्वीरों के माध्यम से साधारण दिखने वाले लोगों, अनदेखे स्थानों और उपेक्षित संसारों की कहानियों को दृश्य रूप दिया गया है। तस्वीरें दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि असली असाधारणता कई बार उन जीवन में छिपी होती है, जिन्हें समाज सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देता है।
फोटोग्राफ्स में संघर्ष, आत्मविश्वास, मानवीय रिश्तों और जीवन के छोटे-छोटे लेकिन गहरे अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी यह संदेश भी देती है कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि उन आवाजों को सामने लाने का भी जरिया है, जो अक्सर मुख्यधारा के विमर्श से बाहर रह जाती हैं। सृष्टि मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शनी चार अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।