मेट्रो स्टेशन के पास जीडीए की मल्टीलेवल पार्किंग बृहस्पतिवार से शुरू कर दी गई। तीन दिन तक पार्किंग का ट्रायल चलेगा। इस दौरान वाहन चालक मुफ्त में पार्किंग का प्रयोग कर सकेंगे।
जीडीए के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार सुबह पार्किंग का जायजा लिया। जिसके बाद इसे शुरू कर दिया गया। जीडीए द्वारा बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग में कुल 527 कारें खड़ी की जा सकेंगी।
कारों को ऊपरी मंजिल पर ले जाने के लिए रैंप बनाए जा रहे हैं। साथ ही सेंसर भी लगाए गए हैं जो खाली स्थान की जानकारी पार्किंग की एंट्री पर ही दे देंगे।
बृहस्पतिवार सुबह जीडीए प्रभारी चीफ इंजीनियर एके गुप्ता, अधिशासी अभियंता आरके जायसवाल, कप्तान सिंह, राकेश यादव पार्किंग पहुंचे। उन्होंने ट्रायल शुरू करते हुए पार्किंग में आ रही गाड़ियों का जायजा लिया।
चीफ इंजीनियर ने बताया कि लोगों को पार्किंग के संबंध में जानकारी हो जाए इसके लिए इसे तीन दिन तक फ्री रखा गया है। 25 अक्तूबर से पार्किंग शुल्क लिया जाएगा।
हाईस्पीड ट्रेन के नए रूट पर रार
आरआरटीएस योजना के अंतर्गत दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन के रूट पर खींचतान जारी है। एनएच-58 पर हैवी ट्रैफिक के कारण ट्रैक निर्माण पर एनएचएआई की आपत्ति बरकरार है।
एनएचएआई ने हाईवे पर ट्रैक निर्माण की एनओसी देने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त कंसलटेंट ने हाईवे के पैरलल प्रस्तावित रूट को अव्यवहारिक बताया है।
बीते वर्ष शहरी विकास मंत्रालय में हुई बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने एनएच-58 पर हाईस्पीड ट्रैक का पिलर बनने से सड़क की चौड़ाई कम होने और यातायात का दबाव बढ़ जाने की आपत्ति लगाई थी।
इसलिए हाईस्पीड रूट का एलाइनमेंट बदलने का फैसला लिया गया था। इस पर कंसलटेंट फर्म ने राजनगर एक्सटेंशन, मुरादनगर और मोदीनगर के पीछे से नया रूट प्रस्तावित किया था।
दूसरी ओर, एनएचएआई के मुताबिक यदि एनएच-58 पर ट्रैक बना तो वह इसे स्टेट हाईवे का दर्ज दे देगी, जिससे इसका रखरखाव राज्य सरकार को करना होगा। अब इस मामले में केंद्र सरकार का शहरी विकास मंत्रालय ही फैसला लेगा।