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आईआईटी की तकनीक से मजबूत होगी दिल्ली की ‘लाइफ लाइन’

Mon, 19 Jan 2015 11:34 PM IST
अमर उजाला/गाजियाबाद
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दिल्ली की लाइफ लाइन बन चुकी मुरादनगर-दिल्ली गंगाजल पाइप लाइन की रिपेयरिंग की तकनीक का फैसला अब दिल्ली आईआईटी के इंजीनियर करेंगे।
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इससे पहले रुड़की आईआईटी के इंजीनियर और एनसीसीबीएम (नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटीरियल) के एक्सपर्ट पाइप लाइन की जांच कर रिपेयरिंग का सुझाव दिल्ली जल बोर्ड को दे चुके हैं।

पाइपलाइन के केयर टेकर यूपी जल निगम ने जांच रिपोर्ट जल बोर्ड को भेजी थी। अब दिल्ली आईआईटी के इंजीनियरों की टीम इससे बेहतर तकनीक के सुझाव पर सहमति दे सकते हैं।
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200 क्यूसेक  क्षमता वाली मुरादनगर-गोकुलपुरी गंगाजल लाइन 30 साल की मियाद पूरी कर चुकी है और अंदर से जर्जर हो चुकी है।

करीब दो साल पूर्व गंगनहर क्लोजर के दौरान जल निगम ने लाइन की जांच इंजीनियरों से कराई थी। इसके बाद बल्लभगढ़ स्थित एसीसीबीएम के एक्सपर्ट ने लाइन की जांच कर लाइन के अंदर पीयू (पॉली यूरेथिन) कोटिंग और जीआरपी रैपिंग कराने की संस्तुति की थी।

जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक इस तकनीक से रिपेयरिंग कराने के बाद पाइप लाइन की लाइफ करीब 10 से 15 साल बढ़ जाएगी। इस तकनीक से रिपेयरिंग पर करीब 175 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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एक दूसरे संस्थान ने स्ट्रक्चरल लाइनर तकनीक पर मरम्मत कराने की संस्तुति की थी। इस तकनीक से पाइप लाइन की लाइफ 40 से 50 साल बढ़ जाने का दावा किया जा रहा है। इस तकनीक पर करीब 400 करोड़ रुपया खर्च होगा।
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