दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर प्रबंधन और सड़क इंजीनियरिंग शुरू की है। ट्रैफिक पुलिस ने इसे ‘सड़क सुरक्षा कार्रवाई योजना’ नाम दिया है। इस योजना का मिशन इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में पहल को मजबूत करना है, ताकि दिल्ली की सड़कों पर हादसे, चोटें और मौतों को कम किया जा सके।
दिल्ली-एनसीआर में यातायात मूल रूप से आनुपातिक यातायात मात्रा गणना (टीवीसी), सड़कों की क्षमता से अधिक यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) की संख्या, अनुचित उपयोगकर्ता-व्यवहार, रोड रेज और यातायात कानूनों के प्रवर्तन की कमी से प्रभावित हो रहा है। ट्रैफिक पुलिस की इस इंजीनियरिंग से सड़क हादसों में काफी कमी आई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सड़क इंजीनियरिंग में सभी हिस्सेदारों, संबंधित नगर निगम एजेंसियों, विशेषज्ञों और एनजीओ के साथ समन्वय किया गया है, ताकि यातायात की समस्याओं को दूर किया जा सके। दिल्ली यातायात पुलिस का उद्देश्य निर्बाध यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना, देरी को कम करना और सुरक्षित सवारी के साथ समग्र आवागमन दक्षता में सुधार करना है। यातायात पैटर्न का विश्लेषण करने, यातायात जाम का अनुमान लगाने के लिए,यातायात के प्रवाह को गतिशील रूप से नियंत्रित करने और उल्लंघनकर्ताओं पर मामले दर्ज करने के लिए कैमरे, सेंसर और जीपीएस उपकरणों के माध्यम से प्रौद्योगिकी के उपयोग से करीबी निगरानी की जाती है।
विश्लेषण से सामने आई वास्तविक स्थिति
दिल्ली यातायात पुलिस ने हाल ही में प्रबंधन और सड़क इंजीनियरिंग में लिए गए विभिन्न पहलों के प्रभाव का विश्लेषण किया है, जैसे कि ब्लैकस्पॉट ट्रीटमेंट, क्षेत्र-व्यापक उपचार, और अन्य सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में सुधार, जो इंटेलीजेंस यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) का हिस्सा है।
इंजीनियरिंग के ये तरीके अपनाए
- सड़क दुर्घटनाओं के लिए उच्च प्रवृत्ति प्रदर्शित करने वाले क्षेत्रों की पहचान की गई।
- घटनाओं के मूल कारणों को समझने के प्राथमिक उद्देश्य से जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण।
- इन कारकों की पहचान के बाद इंजीनियरिंग हस्तक्षेप और सुरक्षा उपाय अपनाए गए।
- सेंट्रल वर्ज रेलिंग और कम ऊंचाई वाले मीडियन पर उच्च लोहे की ग्रिल स्थापित की।
- ओएसवीडी कैमरे स्थापित किए, पेड़ों की छंटाई कर सड़कों पर लगाए साइन बोर्ड।
- अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग, पैदल यात्रियों के आवागमन को फुटपाथ जेब्रा क्रॉसिंग।
- भूमिगत पैदल पारपथ का इस्तेमाल करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
सिग्नेचर ब्रिज पर क्रियान्वयन के बाद मौतों की संख्या हुई कम
सिग्नेचर ब्रिज पर सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने, कम करने के लिए मेडियन की ऊंचाई कम थी। इस पर पहले सीमेंट की रेलिंग लगाई गई और बाद में ऊंची लोहे की ग्रिल लगाई गई। इसने पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों और अन्य वाहनों द्वारा सड़क के ट्रांसवर्स क्रॉसिंग को रोका। ओएसवीडी कैमरे स्थापित किए गए, मैस्टिक स्ट्रिप्स और साइन बोर्ड लगाए गए और सड़क पर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस को भी तैनात किया गया।