जिले में डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। बीते दस दिन में 25 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 20 केस गुड़गांव के हैं और बाकी 05 केस गुड़गांव के बाहर से हैं।
हालांकि इनका इलाज गुड़गांव के निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इसी के साथ जिले में अब तक 49 डेंगू के मामले की पुष्टि हो गई है।
इनमें 40 डेंगू के केस गुड़गांव के और बाकी 09 बाहरी मरीजों के हैं। इसके अलावा करीब 07 संदिग्ध मरीज भी आए हैं। अब तक जिले में 135 डेंगू के संदिग्ध मरीज सामने आ गए हैं। इनकी पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग के लैब में सैंपल भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सभी केस निजी अस्पतालों से हैं। इनमें सबसे अधिक डीएलएफ क्षेत्र के हैं। डेंगू के लिहाज से स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क एरिया में रखा है।
नए मरीजों में 12 महिला, 07 बच्चे और बाकी पुरुष हैं। सभी की उम्र 21-45 वर्ष के बीच है। शनिवार को विभाग में 7 संदिग्ध केस सामने आए हैं।
सभी मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। नए मामले पॉश इलाके से आए हैं। निजी अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को मरीजों के सैंपल भेजे गए है।
जिसके बाद विभाग ने एलाइजा टेस्ट लगाया था, जिसमें डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है। जबकि निजी अस्पतालों द्वारा किए गए टेस्ट को स्वास्थ्य विभाग ने मानने से इंकार कर दिया है। हाल ही में डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया निदेशक ने यहां बैठक भी ली थी।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल डेंगू पिछले सालों के मुकाबले अधिक खतरनाक हो सकता है। बारिश के बाद डेंगू वायरस-3 और डेंगू वायरस-4 के एक्टिव होने की आशंका है।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ का कहना है कि जिन एरिया से यह केस रिपोर्ट हुए हैं उन एरिया में एंटी लार्वा एक्टिविटी करवाई जा रही है।