दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो विस्तार के प्रोजेक्ट ने बुधवार को एक स्टापेज और पार कर लिया। प्रदेश कैबिनेट ने सेकेंड फेज मेट्रो का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन करने की मंजूरी दे दी।
कैबिनेट ने जीडीए वीसी को प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए भी अधिकृत कर दिया। जीडीए वीसी के मुताबिक 16-17 जून तक एमओयू साइन कर लिया जाएगा। डीएमआरसी अधिकारियों से संपर्क शुरू कर दिया गया है। 2017 तक इस रूट पर मेट्रो दौड़ने लगेगी।
सेकेंड फेज मेट्रो के अंतर्गत दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक विस्तार की कवायद 2005 में तत्कालीन सपा सरकार में शुरू हुई। 2012 में सरकार बनने पर जीडीए अधिकारियों ने इस रूट की रिवाइज्ड डीपीआर तैयार करवाई। इस बीच फंडिंग तय करने की प्रक्रिया जारी रही।
मार्च 2013 में प्रदेश सरकार ने फंडिग तय करते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी। इसके बाद केंद्र सरकार, डीएमआरसी के पाले में यह प्रोजेक्ट पड़ा रहा। प्रोजेक्ट को शुरू कराने के लिए सीएम अखिलेश यादव को पीएम तक को पत्र लिखना पड़ा। जीडीए अधिकारियों ने 28 अप्रैल 14 को प्रदेश सरकार को एमओयू का ड्राफ्ट भेजते हुए मंजूरी मांगी थी।
जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि कैबिनेट ने एमओयू साइन करने समेत प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए प्राधिकरण के वीसी को प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अधिकृत कर दिया है।
कैबिनेट नोट मिलते ही अगले सप्ताह एमओयू साइन किया जाएगा। जीडीए डीएमआरसी को प्रोजेक्ट की लागत की अंडरटेकिंग देगा। यानी प्राधिकरण प्रोजेक्ट के लिए फंड की कमी नहीं होने देगा। जीडीए ने एमओयू के लिए टोकन मनी तैयार कर ली है।
प्रोजेक्ट पर एक निगाह
रूट की लंबाई-9.41 किलोमीटर
स्टेशनों की संख्या- सात
शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहननगर, अर्थला और नया बस अड्डा
प्रोजेक्ट लागत: 1770 करोड़
भारत सरकार का अंश- 397.40 करोड़
डीएमआरसी का अंश- 256 करोड़
जीडीए व अन्य संस्थाओं का अंश- 1116.60 करोड़
जीडीए 525.10 करोड़
नगर निगम 185.90 करोड़
आवास विकास परिषद 332.40 करोड़
यूपीएसआईडीसी 73.20 करोड़
तीन वर्ष में करना है भुगतान
जीडीए और अन्य संस्थाओं को प्रोजेक्ट के लिए तीन वर्ष में 1116. 60 करोड़ का भुगतान करना है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 545 करोड़, 2015-16 में 393 करोड़ और 2016-17 में 178.60 करोड़ रुपये देने हैं। यह धनराशि प्रत्येक वर्ष जून माह में दी जानी है।
इस लिहाज जीडीए व अन्य संस्थाओं को 30 जून तक 545 और केंद्र सरकार के अंश का अनुपात करीब 132 करोड़ रुपये का भुगतान डीएमआरसी को करना होगा। भुगतान के साथ ही जीडीए डीएमआरसी को जमीन समेत अन्य प्रकार के सहयोग भी देगा।
निगम की हिस्सेदारी का इंतजाम कर रहा जीडीए
नगर निगम की वित्तीय स्थिति के मद्देनजर मेट्रो अंशदान के लिए जीडीए ने विकल्प सुझाया है। नगर निगम को तीन वर्ष में मेट्रो के लिए करीब 186 करोड़ देने हैं। जीडीए वीसी के मुताबिक सरकारी जमीनों केपुनर्ग्रहण का अधिकार कमिश्नर को होता है।
संबंधित सरकारी विभाग पुनर्ग्रहण की हुई जमीन की कीमत ट्रेजरी में जमा करा देते हैं। जीडीए ने नगर निगम की कई जमीनों का पुनर्ग्रहण किया है। इस धनराशि को अपनी जिम्मेदारी पर ट्रेजरी में न देकर जीडीए नगर निगम को मेट्रो फंडिंग पर देने के लिए तैयार है।
इस प्रकार निगम पर कोई आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। जनहित के मद्देनजर निगम अधिकारियों से बोर्ड में यह प्रस्ताव शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
18 मिनट में दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक दौड़ने वाली मेट्रो महज लोगों को महज 18 मिनट में पहले स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचा देगी। वर्तमान में सभी रूट्स पर 60 किलोमीटर की गति से मेट्रो दौड़ रही हैं।
रूट के पहले स्टेशन से अंतिम स्टेशन के बीच गणना करने पर मेट्रो की औसत स्पीड 30 से 35 किलोमीटर आती है। इस आधार पर सात स्टेशन पर 30 सेकेंड के स्टापेज को मिलाकर 9.41 किलोमीटर का सफर 18 मिनट में तय किया जा सकेगा। नया बस अड्डा से लेकर हिंडन पुल, मोहननगर चौराहा से बार्डर तक जाने में एक घंटे का समय लगना साधारण सी बात है।
सात स्टेशनों के बीच की दूरी (किलोमीटर में)
दिलशाद गार्डन से शहीद नगर 1.29
शहीद नगर से राजबाग 1.25
राजबाग से राजेंद्र नगर 1.17
राजेंद्र नगर से श्याम पार्क 1.18
श्याम पार्क से मोहन नगर 1.25
मोहन नगर से अर्थला .90
अर्थला से नया बस अड्डा 2.4