दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक स्मॉग की घनी चादर छाई रही। इससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की परेशानी हुई। ग्रेटर नोएडा एक बार फिर देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 दर्ज किया गया। वहीं, नोएडा में एक्यूआई 308 दर्ज किया गया। हवा चलने के कारण पिछले चार दिन तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा में सुधार हुआ था, लेकिन बृहस्पतिवार को फिर पहले जैसे हालात हो गए।
दिल्ली में शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 306 दर्ज किया गया। इस सीजन में अब तक दूसरी बार गुणवत्ता बेहद खराब हुई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में हवा की गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब रहेगा। इसके बाद हवा की चाल बढ़ने से सुधार आ सकता है।
सफर का आकलन है कि सुबह तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब स्तर में रही। दिन चढ़ने के साथ सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल थम गई। इससे धीरे-धीरे हवा और खराब होती गई। सुबह 11 बजे एक्यूआई 250 के स्तर से बढ़कर दोपहर दो बजे तक 280 पर पहुंच गया और शाम छह बजे तक एक्यूआई 306 दर्ज किया।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसमी दशाओं की वजह से अभी प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनुमान है कि 23 व 24 अक्तूबर को दिल्ली की हवा बेहद खराब स्तर में बनी रहने का अंदेशा है।
कहां कितना रहा एक्यूआई
बागपत 331
ग्रेटर नोएडा 328
गाजियाबाद 318
फरीदाबाद 315
नोएडा 308
दिल्ली 306