प्ले स्कूल में मासूम को कुर्सी से बांधकर पीटने का मामला:
-परिजनाें ने कहा, 16, 17 और 18 अगस्त की फुटेज मिली, इससे पहले की डिलीट कर दी गई
-फुटेज में मासूम के साथ दरिंदगी होते दिखी, मारपीट और घसीटना भी हुआ कैद, पुलिस फुटेज को कब्जे में लेकर कर रही जांच
-परिजनों ने कहा, ठीक से सो भी नहीं पा रहा मासूम, सोमवार को एक बड़े अस्पताल में उसे दिखाने का लिया हुआ समय, वहां बाल मनोचिकित्सक को दिखाएगी परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
जाफराबाद के जिस स्कूल में मासूम के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है, वहां स्कूल प्रशासन खुद ही परिवार को सीसीटीवी कैमरे का एक्सेस देकर फंस गया। दरअसल यदि माता-पिता चाहें तो स्कूल में अपने बच्चे को देखने के लिए क्लासरूम का सीसीटीवी एक्सेस ले सकते हैं। लेकिन मासूम के माता-पिता ने सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस नहीं लिया हुआ था। वारदात के बाद माता-पिता स्कूल पहुंचे और महिला डायरेक्टर व प्रिंसिपल से पिछले कुछ दिनों की सीसीटीवी फुटेज मांगने लगे। स्कूल प्रशासन ने फुटेज देने से साफ मना कर दिया। हालांकि 25 अगस्त को स्कूल प्रशासन ने 1500 रुपये लेकर माता-पिता को सीसीटीवी कैमरों की ऑनलाइन एक्सेस दे दिया। इसके बाद ताे वह फंसता चला गया।
स्कूल प्रशासन को लगा कि माता-पिता शायद अपने बेटे की ऑनलाइन लाइव फुटेज ही देखेंगे। लेकिन मासूम की मां ने ऑनलाइन एक्सेस से 16, 17 और 18 अगस्त की पुरानी फुटेज निकाल ली। इसमें मासूम के साथ दरिंदगी होती दिख रही है। परिवार का आरोप है कि इससे पहले की फुटेज को डिलीट कर दिया गया है। बस इसी गलती से स्कूल प्रशासन की पोल खुल गई। मामले में उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फुटेज को भी कब्जे में लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्कूल की डीवीआर भी कब्जे में ले लिया है।
वहीं मासूम की मानसिक हालत ठीक नहीं है। पिता ने बताया कि उनके बेटे में स्कूल, बॉथरूम, कुर्सी का डर बैठ गया है। घर में कुर्सी दिखते ही वह उससे दूर जाने लगता है। इसके अलावा उसे बाथरूम भी जबरन ही ले जाना पड़ता है। रात को सोते-सोते वह चिल्लाकर उठ जाता है। पिता ने बताया कि 18 अगस्त से बेटे का लगातार इलाज जारी है। सोमवार को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में बाल मनोचिकित्सक से समय लेकर बेटे को दिखाना है। डॉक्टर ने कहा कि 8 से 10 काउंसलिंग के बाद ही मासूम की हालत में सुधार हो पाएगा। मासूम के माता-पिता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द उनको गिरफ्तार कर लिया जाए।