मेवात प्रशासन ने सरकार के निर्देश मिलने के बाद नूंह क्षेत्र के 10 गांवों, जो कि कई सालों से मलेरिया के मामले में रेड जोन में आते हैं, उन पर निगरानी शुरू कर दी है।
इस मामले में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों ने ग्राम सचिवों को उनके क्षेत्र के गांवों में मलेरिया, डेंगू और अन्य जल जनित बीमारियों के फैलाव पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के माध्यम से मलेरिया रैड जोन में आने वाले गांव नौसेरा, अड़बर, कैराका, कोंतलाका, चिलावली, जयसिंहपुर, उजीना, सुड़ाका, बीबीपुर, बैंसी व कुछ अन्य पर अपनी नजर गड़ा दी है।
यहां काफी संख्या में जोहड़ हैं, जिनमें इन दिनों मछली पालन हो रहा है। गुडगांव कैनाल के साथ लगते गांव उजीना में भी मलेरिया व मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की सूचना मिली है।
प्रशासन ने इस मामले में ग्राम सचिव को उपरोक्त गांवों में जल भराव वाली जगहों को चिह्नित करने तथा इन बीमारियों से प्रभावित लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उधर जल भराव वाली जगहों पर काला तेल, सरसों का तेल अथवा मच्छर लारवा मारने वाली दवा का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फिलहाल इन गांवों में अभी डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। ग्राम सचिव सुंदर जांगड़ा ने प्रशासन की ओर से ऐसे निर्देश मिलने तथा इस मामले में पूरी सतर्कता बरते जाने की बात कही है।