वेस्टर्न डिस्टर्वेंस (पश्चिमी विक्षोभ-हवाओं का दबाव) के कारण एनसीआर में सर्दी के भी देरी से शुरू होने की आशंका नजर आ रही है। बरसात को प्रभावित करने के बाद अब सर्दियों के पीछे खिसकने की स्थिति बनती जा रही है।
एनसीआर मौसम के अच्छे मिजाज के लिए जाना जाता था। यह सभी ऋतुएं समय से आती-जाती थीं, लेकिन दो साल से सिस्टम गड़बड़ा गया है। परेशानी की बात यह है कि सुधार होने की बजाय ऋतु चक्र में गड़बड़ी ही हो रही है। अबकी बार सर्दियों के करीब एक महीने पीछे हटने की आशंका नजर आ रही है।
मौसम विशेषज्ञों केअनुसार वेस्टर्न डिस्टर्वेंस केचलते एनसीआर का मौसम प्रभावित हो रहा है। बारिश कम होने और गर्मी ज्यादा पड़ने की परेशानी यहां के लोग झेल रहे हैं। अब गर्मी के थोड़ा ज्यादा लंबा होने और सर्दी के देरी से आने केहालात बनते जा रहे हैं।
सामान्य स्थिति में सितंबर से धूप की तपिश कम हो जाती थी और 15 अक्तूबर में सर्दी का आगमन हो जाता था। अबकी बार लोगों को सर्दी का सामान्य अहसास 15 नवंबर से होगा। यानि गर्मी का असर करीब एक महीने देर तक रहेगा।
मौसम व पर्यावरण वैज्ञानिक डा. विवेक राज सिंह ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली केचलते एनसीआर केमौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। वेस्टर्न डिस्टर्वेंस केचलते इस बार सर्दियों के एक महीने देरी से आने की आशंका बनी हुई है।