-अगर कभी कुत्ता काट ले तो अपनी मर्जी से दवा न लें। जिस जगह जख्म हुआ है, वहां मिर्च न लगाएं, इससे संक्रमण बढ़ सकता है।
-जिस जगह जख्म हुआ है, उसे बहते हुए पानी से धो लें।
-जख्म गहरा है तो अपनी मर्जी से टांके न लगाएं। चिकित्सक से सलाह करके ही इलाज कराएं।
-अस्पताल आकर व्यवस्थित ढंग से इलाज शुरू करें, ताकि समय रहते बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
-कई बार लापरवाही बरतना भारी पड़ जाता है।
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आवारा कुत्तों को पकड़ने की इजाजत नहीं है। इनके बधियाकरण के लिए एक एनजीओ को ठेका दिया गया है। मगर बधियाकरण पर निर्णय लेने वाली कमेटी का अभी गठन नहीं हुआ है। इसके लिए बैठक बुलाई गई थी, किसी कारणवश वो हो नहीं सकी। जल्द ही बैठक बुलाकर कमेटी का गठन किया जाएगा। - सुमन बाला, महापौर