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अधिकारियों पर भड़के विधायक, तीन मामले विशेषाधिकार समिति को

Wed, 21 Mar 2018 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi assembly - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधान सभा में एक बार फिर मंगलवार को अधिकारियों के रवैए पर सवाल उठाया गया। विधायकों ने आरोप लगाया कि अधिकारी विधान सभा के प्रश्न काल का संजीदगी से नहीं ले रहे हैं। मंगलवार के प्रश्न काल के तीन सवालों के जवाब से विधायक संतुष्ट नहीं थे। विधायकों की आरोपों को सुनने के बाद विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने तीनों मामले सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया है। 

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पहला सवाल आम आदमी पार्टी (आप) विधायक महेंद्र यादव ने सार्वजनिक शौचालयों के संबंध में उठाया था। दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने जवाब दिया कि सभी शौचालयों में बिजली-पानी की सुविधा है।

पूरक सवाल करते हुये कई विधायकों ने कहा कि उनके इलाके के शौचालयों में न बिजली है न पानी। साफ-सफाई भी खराब है। इससे साफ है कि अधिकारी सदन को गुमराह कर रहे है।
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घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर पूछे गये एक सवाल के जवाब से भाजपा विधायक जगदीश प्रधान व आप विधायक सौरभ भारद्वाज संतुष्ट नहीं थे। जबकि राखी बिडला ने राशन कार्ड पर सरकार से मिले जवाब को गलत बताया। 

प्रश्न काल के दौरान विधायकों ने मांग की अधिकारी लगातार सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि इस तरह के सवालों को जवाब आरटीआई के जरिये आम लोग आसानी से ले सकते हैं।
 

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मामलों को सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया

kejriwal - फोटो : अमर उजाला
विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयलग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुये कहा कि अधिकारियों का इस तरह के रवैया ठीक नहीं है। गोयल ने तीनों मामलों को सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया।

इससे पहले सोमवार को भी विधान सभा अध्यक्ष ने सर्तकता विभाग से जुड़े सवालों को सटीक जवाब न मिलने पर नाराजगी जताते हुये दो मामलों को विशेषाधिकार समिति के हवाले कर दिया था। 

विधायक अमानतुल्लाह खान ने सदन में सवाल उठाया कि मुख्य सचिव के सदन में मौजूद रहने के दौरान ही अधिकारी विधान सभा पहुंचते हैं। खान ने आरोप लगाया कि यह आईएएस अधिकारियों की दबाव बनाने की रणनीति है। इस मसले को गंभीरता से लेते हुये सदन को इस पर एक दिन बहस करनी चाहिये।

विधायक के आरोपों से सहमति जताते हुये राम निवास गोयल ने कहा कि वह एक दिन अलग से अधिकारियों के रवैये के ऊपर चर्चा करोंगे। हालांकि, इसकी तारीख अभी गोयल ने नहीं बताई है। 
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