जमाने के साथ कदमताल कर रही आधी आबादी क्राइम की दुनिया में भी पीछे नहीं है। कभी जिन्हें चूड़ी वाले हाथ कहा जाता था, अब खून से रंग रहे हैं।
टीवी सीरियल्स और फिल्मों की षड्यंत्रकारी महिला किरदारों से गाजियाबाद हकीकत में रूबरू हो रहा है। आने वाली फिल्म ‘गुलाब गैंग’ में महिलाओं की शक्ति को दिखाया गया है, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ी ये महिलाएं अपराध गैंग चलाती हैं।
अपराध में ये ‘बंटी-बबली’ फिल्म की बबली और ‘डेढ़ इश्किया’ की बेगम पारा से भी कहीं आगे हैं। गाजियाबाद में हुई चार बड़ी वारदातों का षड़यंत्र रचने में चार महिलाओं की अहम भूमिका रही है।
ब्रिजेश कौशिक (40) : मेरठ की रहने वाली घरेलू महिला है। 19 फरवरी को पुलिस ने पकड़ा। भतीजी के साथ रेप कराया और गैंगरेप का षड्यंत्र रच बिल्डर और जेई को फंसाने की प्लानिंग का हिस्सा रही।
रश्मि चौधरी (25) : मुरादनगर की रहने वाली है। 18 फरवरी पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रियंका हत्याकांड की प्लानिंग में पहले उससे दोस्ती की फिर घर से बुलाकर हत्या कराई। पहले नर्स रही और फिर पत्रकारिता की। अलीगढ़ के हिस्ट्रीशीटर की पत्नी है।
आरती (30) : 17 जनवरी को पुलिस ने दबोचा। घरेलू महिला है। 29 दिसंबर को कविनगर में कैंटीन ठेकेदार कृष्णपाल की हत्या करने वाले गैंग की लीडर रही। खूबसूरती के जाल में फंसाकर ठगती थी।
शबनम (35) : 27 जनवरी को गिरफ्तार की गई। कैलाभट्टा से अगवा बेनजीर और बेटे सलमान की हत्या की साजिश रची। शास्त्रीनगर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। 11 जनवरी को फोन करके दोनों को बुलवाया और फिर हत्या कराई।