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डीएम नहीं बना सकेंगे रायफल का लाइसेंस

Wed, 11 Feb 2015 01:12 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
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रायफल का लाइसेंस लेने की चाह रखने वाले आवेदकों के लिए बुरी खबर है। डीएम स्तर से अब रायफल का लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद यूपी शासन ने शस्त्र लाइसेंस नियमावली को सख्त कर दिया है।
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इसके साथ ही रायफल के लिए लाइसेंस आवेदन पर अब प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता वाली टीम ही विचार करेगी। इससे पहले डीएम, मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी से संस्तुति के बाद ही उक्त आवेदन को प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता वाली कमेटी में विचार के लिए भेजेंगे।

नई शस्त्र नियमावली में प्रदेश भर में डीएम को सिर्फ पिस्टल/रिवाल्वर और बंदूक का लाइसेंस जारी करने का अधिकार दिया गया है।

किसी शस्त्रधारक को यदि दूसरा लाइसेंस चाहिए तो इसके लिए अब मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम ही दूसरे आवेदन पर विचार करेगी।

प्रत्येक आवेदक को लाइसेंस लेने से  पहले ही एसएसपी के समक्ष शस्त्र चलाने का टेस्ट देना होगा। इसके बाद आवेदक को फिंगर प्रिंट भी देने होंगे।

हालांकि अधिसूचित श्रेणी के शूटिंग खिलाड़ियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया में शासन ने उदारता बरती है। निशानेबाजों के लिए दूसरा, तीसरा और रायफल का लाइसेंस जारी करने में उक्त प्रक्रियाएं लागू नहीं होंगी।
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खिलाड़ियों को शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवश्यकतानुसार डीएम अपने स्तर पर निर्णय लेकर खिलाड़ियों को लाइसेंस जारी कर सकते हैं।

फिंगर प्रिंट के लिए जिला प्रशासन ने सेटअप लगाने के लिए शासन को पत्र लिख दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट कपिल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फिंगर प्रिंट की व्यवस्था न होने के चलते फिलहाल शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर विचार नहीं किया जा रहा है।
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