गाजियाबादी केजरीवाल के ‘कमाल’ ने दिल्ली ‘आप’ की कर दी। 49 दिन सरकार चलाने वाले केजरीवाल एक साल बाद फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। दिल्ली को दोबारा जीतने का सफर भी कौशांबी से ही शुरू हुआ।
14 फरवरी 14 को जन लोकपाल के मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह फिर कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट लौटे और यहीं से फिर जनता के हितों की लड़ाई शुरू की।
मैग्सेसे पुरस्कार से लेकर मंगलवार को दोबारा दिल्ली फतह करने तक गाजियाबाद की अहम भूमिका रही। आप के कौशांबी स्थित डी-41 स्थित नए पार्टी मुख्यालय से दिल्ली की जीत की इबारत लिखी गई।
5 दिसंबर 08 को नगर निगम के खिलाफ धरने ने उन्हें सार्वजनिक मंच पर ला दिया। कौशांबी की सीवर समस्या से निजात के लिए लोगों को एकजुट कर टैक्स देने से रोक दिया था।
मूलरूप से हिसार निवासी अरविंद आईएफएस रहे और नौकरी छोड़ने के बाद 1995 में कौशांबी के गिरनार अपार्टमेंट में रहने लगे। पत्नी सुनीता, बेटी हर्षिता और बेटे पुलकित ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर हर आंदोलन में पूरा साथ दिया और घर-घर पोस्टर बांटे थे।
गिरनार अपार्टमेंट की बढ़ायी गई सुरक्षा
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते पहले से तय जेड प्लस सिक्योरिटी दी जा रही है।सीओ अतुल यादव ने बताया कि 22 पुलिसकर्मी सुरक्षा में रहेंगे। पीसीआर गिरनार के पास गश्त करती रहेंगी।
दिल्ली बॉर्डर तक यूपी पुलिस एस्कॉर्ट करेंगे। गिरनार के आसपास बैरीकेडिंग की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट कपिल सिंह भी कुमार विश्वास के घर केजरीवाल से मुलाकात की।
केजरीवाल के घर में सबका मुंह मीठा
संजय सिंह, पत्नी अनीता सिंह, कुमार विश्वास पत्नी मंजू और बेटी पोयम के साथ केजरी के घर पहुंचे। बर्थ-डे पर काजू की बर्फी खिलाकर कुमार का मुंह मीठा कराया।
कुमार की पत्नी मंजू ने कहा कि जीत की उम्मीद थी, लेकिन इतने अंतर से जीतेंगे इसकी उम्मीद नहीं थी। संजय की पत्नी अनीता ने कहा कि यह जीत कल्पना से परे रही। बाद में आशुतोष भी गिरनार अपार्टमेंट पहुंचे।