फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछली बार एक वोट से हारे, इस बार निर्विरोध सरपंच

Wed, 27 Jan 2016 07:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नगीना
विज्ञापन
विज्ञापन
सब्र का फल मीठा होता है। यह मिठास दूसरों को अपनी ओर कैसे आकर्षित करती है, इसकी मिशाल मेवात की दो पंचायत रनियाला पटाकपुर और सतपुतियाका ने पेश की।
विज्ञापन


2010 में सरपंच पद के दो उम्मीदवार मात्र एक-एक वोट से हार गए। इस बार पूरे गांव ने मिलकर फैसला लिया कि इन्हें निर्विरोध चुन लिया जाए। कोई गतिरोध न रहे इसके लिए पूरी पंचायत को ही निर्विरोध चुना गया।

इस बार ग्रामीणों ने सगीर अहमद को ग्राम पंचायत रनियाला पटाकपुर का नया सरपंच बनाया। पिछली बार उनके पिता हाजी इलियास को पूर्व सरपंच आस मोहम्मद ने एक वोट से हराया था। ग्रामीणों ने इस भरपाई को सूद के साथ वापस किया। चूंकि सगीर का चुनाव में एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ। वहीं 11 पंचायत सदस्य भी निर्विरोध चुने गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरा नाम सतपुतियाकी ग्राम पंचायत का है यहां जमशेद ने एक वोट से फतेह मोहम्मद को पांच साल पहले हुए चुनाव में हराया था।

इस बार शिक्षित पंचायतें होने के चलते फते मोहम्मद ने अपने बेटे अब्बास के लिए स्नातक पास बहु के रूप में फरूना को बिना दहेज स्वीकार किया। गांव के लोगों ने भी उनके जज्बात की कद्र करते हुए उनकी झोली में सरपंची डाल दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें