देशव्यापी बंद का असर मंगलवार को दिल्ली में सुबह से ही दिख सकता है। सुबह से घरों में दूध, सब्जियां, फलों की आपूर्ति प्र्रभावित हो सकती है तो चक्का जाम की वजह से दोपहर बाद तीन बजे तक गंतव्य तक पहुंचना भी मुश्किल होगा। इस दौरान बसों या निजी वाहनों को भी रूट डायवर्जन के कारण दिक्कतें पेश आ सकती हैं। ट्रांसपोर्ट, टैक्सी-कैब यूनियन सहित मंडी के कारोबारियों और वकीलों सहित समाज के अधिकतर वर्गों ने इस बंद को समर्थन देने की पहले ही घोषणा कर दी है।
हालांकि आंदोलनकारी किसानों ने बंद के दौरान एंबुलेंस, शादी समारोह में शरीक होने वालों को परेशानी न आए, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। बंद को शांतिपूर्ण बनाए रखते हुए सफल बनाने की भी किसान नेताओं ने सभी से अपील की है।
दोपहर बाद तीन बजे तक चक्का जाम होने कैब ड्राइवर और मंडी व्यापारियों सहित अन्य संगठनों की तरफ से किसानों को समर्थन दिए जाने के बाद बंद के पूर्ण तौर पर सफल होने की उम्मीद जताई जा रही है। एप-आधारित एग्रीगेटर ने भी इसमें शामिल होने का दावा करते हुए कहा कि किसानों के समर्थन में बंद का पूर्ण तौर पर साथ देंगे। मंडियां बंद होने की वजह से सब्जी, फल, दूध सहित बाजारों में भी काम कम होने की संभावना जताई जा रही है।
गाजीपुर, ओखला और नरेला की मंडियां भी मंगलवार को बंद रहेंगी, जिसका असर रोजमर्रा के उत्पादों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। आजादपुर मंडी के प्रधान आदिल खान ने कहा कि किसान अन्नदाता हैं, इसलिए सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। इस दौरान मुर्गी और मांस के लिए गाजीपुर थोक मंडी भी बंद रहेगी। मंडी के प्रधान ने कहा कि कई कारोबारी एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया है।
सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के प्रधान कमलजीत गिल ने कहा कि ओला, उबेर सहित एप आधारित सभी एग्रीगेटर्स के कैब नहीं चलेंगी। दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि दिल्ली स्टेट टैक्सी कोऑपरेटिव सोसाइटी और कौमी एकता वेलफेयर एसोसिएशन सहित कई यूनियन हड़ताल में शामिल होंगी।
हालांकि कुछ ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने आंदोलनकारी किसानों को समर्थन देने के साथ साथ सेवाएं जारी रखने की बात कही है।दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव और दिल्ली प्रधान दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ राजेंद्र सोनी ने कहा कि यात्रियों को गंतव्य के आखिरी छोर तक पहुंचाने के लिए ऑटो-टैक्सी की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए यूनियन ने बंद में शामिल न होने का निर्णय लिया है।कैपिटल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चंदू चौरसिया ने कहा कि किसानों की मांगें सरकार को जल्द पूरी करनी चाहिए ताकि देश वासियों को भी राहत मिल सके।