अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में लगाई गई सुरक्षा व्यवस्था को जारी रखने और उसे नियमित रूप से संबंधित प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के परामर्श से समीक्षा करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय, न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे की पीठ ने तीस हजारी कोर्ट में फरवरी में एक वकील पर उसके विपक्षी वकील द्वारा कथित हमले के मामले में स्वतः संज्ञान याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया।
दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि घटना से संबंधित एफआईआर की जांच पूरी हो चुकी है और जल्द ही चार्जशीट ट्रायल कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। पुलिस ने बताया कि सभी जिला अदालतों में पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और हर जिले में सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की जा चुकी है। पीठ ने कहा कि मामले को लंबित रखने का कोई उद्देश्य नहीं है और याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिला अदालत में लगाई गई सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी और पुलिस अधिकारी इसे नियमित रूप से संबंधित प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के परामर्श से समीक्षा करेंगे।
7 फरवरी 2026 को तीस हजारी कोर्ट के एक कोर्ट रूम में कथित तौर पर एक वकील को उसके विपक्षी वकील ने पीटा और गाली-गलौज की। घटना के समय कोर्ट रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की थी और पीड़ित वकील को दिल्ली हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।