बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। अस्पतालों की ओपीडी में 15-20 फीसदी तक मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। मरीज शरीर दर्द, उल्टी, दस्त सहित दूसरे लक्षणों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने दोपहर में बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलने का परामर्श दिया है। वहीं, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और कार्डियक संबंधी बीमारी से जूझने वाले मरीजों को सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह दी है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में निदेशक प्रोफेसर पुलिन कुमार गुप्ता ने कहा कि गर्मी को लेकर अस्पताल की ओपीडी में 15-20 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। मरीज दर्द, दस्त, बुखार, गला खराब, पेट दर्द के लक्षणों के साथ अस्पताल में आ रहे हैं। अस्पताल ने गर्मी को देखते हुए हीट स्ट्रोक यूनिट भी बनाई गई है। हालांकि, राहत भरी बात यह है कि अभी तक इस तरक का कोई मरीज सामने नहीं आया है। इस मौसम में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीज दवाओं का नियमित सेवन जारी रखें। कार्डियक संबंधी परेशानी के मरीज धूप में जाने से बचें। गर्मी के मौसम में धूप के संपर्क में अधिक समय तक रहने से डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ती है।
मरीजों में डिहाइड्रेशन का पड़ रहा असर
स्वामी दयानंद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली में अचानक से तापमान में जो वृद्धि हुई है उससे बच्चों और बुजुर्गों में फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। गला खराब, जुकाम, बदन दर्द, उल्टी, दस्त बुखार के मरीजों की संख्या ओपीडी में 20 फीसदी तक बढ़ गई है। कुछ मरीजों में डिहाइड्रेशन भी देखने को मिल रहा है।
गर्मी से बचाव के लिए ये करें उपाय
लोकनायक अस्पताल की उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रितु सक्सेना ने कहा कि गर्मी में हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने चाहिए। बाहर जाने से पहले आंखों पर चश्मा और सिर को टोपी से ढककर चलें। पानी की बोतल साथ में ले जाना न भूलें। तला-भुना और कटे फल खाने से बचें। पानी पर्याप्त मात्रा में लें। शरीर में पानी की कमी न हो उसके लिए नमक-चीनी के पानी का घोल भी पी सकते हैं। बुजुर्ग और बच्चों का खास ध्यान रखें। अगर किसी दवा का सेवन करते हैं तो उस लेने में कोई लापरवाही न बरतें। खुले क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर और फील्ड में भागदौड़ करने वाले खुद का ख्याल जरूर रखें।