ठगी का आरोपी नोएडा प्राधिकरण का निलंबित चौकीदार नितिन राठी ने 50 लोगों को 1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया है, जिसमें से 60 लाख रुपये प्राधिकरण के खाते में जमा कराया है और 88 लाख रुपये नकद लिए हैं।
फर्जी तरीकेसे जमीन आवंटन कर लोगों से पैसे ऐंठने के आरोपी नितिन राठी की विभागीय जांच चल रही है। जांच अधिकारी ने पीड़ितों का बयान दर्ज करने के लिए 27 से 30 जनवरी तक का समय तय किया था।
इन चार दिनों में कुल 50 पीड़ितों ने बयान दर्ज कराए, जिसमें से 37 ने स्टांप पेपर पर शपथ पत्र देकर बयान दिए और 13 ने सादे कागज पर बयान दिए। इनके लिखित बयानों से यह बात निकलकर सामने आई है कि नितिन ने 50 लोगों से 88 लाख रुपये नकद लिए हैं और 60 लाख रुपये प्राधिकरण केखाते में जमा कराए हैं।
हालांकि शुरुआत में 70 लोगों से ठगी की बात सामने आ रही थी, मगर लिखित में 50 ने ही बयान दर्ज कराए। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ ऐसे पीड़ित भी हो सकते हैं, जो किन्हीं कारणों से सामने नहीं आना चाह रहे।
अंतिम दिन शुक्रवार को भी 13 पीड़ितों ने बयान दर्ज कराए। ज्यादातर पीड़ितों ने शिकायत में खोड़ा स्थित ग्रीन इंडिया पैलेस में बने दफ्तर और नोएडा स्टेडियम में जाकर पैसे देने का जिक्र किया है।
पीड़ितों का यह भी कहना है कि नितिन राठी के हाव-भाव, रहन-सहन और बातचीत से कभी यह महसूस ही नहीं हुआ कि वह चौकीदार है। वे उसे प्राधिकरण का बड़ा अधिकारी समझते रहे। इसी वजह से वे नितिन के झांसे में आ गए।
जांच अधिकारी ने बताया कि अंतिम तिथि तो खत्म हो चुकी है, मगर किसी कारणवश अगर कोई पीड़ित बयान दर्ज कराने नहीं आ सका है तो वह सोमवार को भी प्राधिकरण आकर बयान दर्ज करा सकता है।
इन पीड़ितों के आवेदनों की सत्यता जांचने केबाद बयान रिकॉर्ड भी किए जाएंगे। उसके बाद नितिन राठी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया जाएगा। प्राधिकरण केखाते में जमा पीड़ितों के पैसे को वापस करने के लिए पहले ही कहा जा चुका है। बता दें, कि नितिन जेल में बंद है। पुलिस एक दिन की रिमांड पर भी ले चुकी है।