- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से मांगे सुझाव, जनभागीदारी से बनेगी व्यापक योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राजधानी में खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियों के सम्मानजनक संग्रह व रीसाइक्लिंग के लिए एक विशेष जनभागीदारी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में खंडित (पुरानी) मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन और रीसाइक्लिंग के लिए समर्पित कलेक्शन सेंटर्स स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मुहिम को पूरी तरह नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए सीधे दिल्लीवासियों से सुझाव मांगे हैं, ताकि जनभागीदारी से इस योजना को अंतिम रूप दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने साल तक जिन मूर्तियों को लोग अपने घरों में भगवान के रूप में पूजते हैं, उनके खंडित हो जाने के बाद अक्सर उन्हें पीपल के पेड़ों के नीचे, नदी किनारे, पार्कों या सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। दिल्ली सरकार ऐसे समर्पित कलेक्शन सेंटर स्थापित करेगी, जहां लोग अपनी खंडित मूर्तियों को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे। बाद में इन मूर्तियों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से रीसाइकल कर उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आस्था का सम्मान भी बना रहे और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। यह पहल केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन बनेगी। योजना के तहत मुख्यमंत्री ने सीधे जनता के सामने तीन मुख्य सवाल रखे हैं और लोगों से अपने सुझाव साझा करने की अपील की है। इस योजना को लेकर लोगों से उनके विचार, कलेक्शन सेंटर्स कहां-कहां बनाए जाने चाहिए, इसके सुझाव मांगे हैं।