हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार निजी स्कूलों को सम-विषम फॉर्मूले को लागू करने के लिए बसें देने के लिए मजबूर नहीं करेगी। वहीं सरकार ने भी कहा कि वे किसी भी स्कूल से दबरदस्ती नहीं कर रहे बल्कि स्कूलों ने 1700 बसें अपनी इच्छा से दी है।
अदालत ने फिलहाल सरकार इस मुद्दे पर शपथपत्र सहित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति हीमा कोहली व न्यायमूर्ति सुनील गौड़ की खंडपीठ ने करीब 400 स्कूलों की एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका के आधार पर सरकार को कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि जब सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही जो बसें उपलब्ध नहीं करवा रहे। अदालत ने दिल्ली सरकार को मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी 2016 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।