हाईकोर्ट ने राजधानी के वकीलों को सम-विषम फार्मूले में कार चलाने की छूट प्रदान करने से इंकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब डॉक्टरों व अन्य को छूट नहीं तो वकीलों को कैसे छूट दी जा सकती है। वहीं अदालत ने दोपहिया वाहनों व महिलाओं को छूट प्रदान करने के मुददे पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति हीमा कोहली व न्यायमूर्ति सुनील गौड़ की खंडपीठ ने सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि महिलाओं व दोपहिया वाहनों को शुक्रवार से शुरू होने वाली योजना में छूट क्यों जरूरी है।
इतना ही नहीं अदालत ने सरकार को प्रदूषण स्तर का डाटा पेश करने के अलावा एक जनवरी से शुरू होने वाली 15 दिन की इस योजना में वाहनों से कितना प्रदूषण कम होगा इस संबंध में तथ्य पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने दिल्ली निवासी याची करुणा छतवाल के उस तर्क को खारिज कर दिया कि दोपहिया वाहनों व महिला कार चालकों को दी गई छूट पर रोक लगाई जाए। अदालत ने कहा कि फिलहाल योजना पर अंतरिम रोक नहीं लगाई जाएगी। अदालत ने सरकार को तीन दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 6 जनवरी तय की है।