उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा 46,600 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सिसोदिया दिल्ली के वित्त मंत्री भी हैं। गहरे नीले रंग के थैले से उन्होंने जनता के लिए कई करों से राहत निकाली। एनसीआर व पड़ोसी राज्यों में वैट दर समानता के लिए उन्होंने कई वस्तुओं पर वैट कम कर दिया है।
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सिसोदिया ने महंगी घड़ी, रेडीमेड गारमेंट्स, जूते-चप्पल व होटल कमरे के कर में राहत दी है तो साड़ी समेत बिना सिले कपड़े, कुछ तंबाकू उत्पादन, एल्युमीनियम व मैटल शीट को कर दायरे में लाकर इसमें थोड़ी महंगाई बढ़ाई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन में कुल योजना मद का 57 फीसदी खर्च करने का प्रावधान रखकर करीब दो घंटे के मैराथन बजट भाषण में सिसोदिया ने यह भी साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की नजर में संसाधन बढ़ाना और सुधार के प्रावधान भी विकास हैं।
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दिल्ली की आर्थिक स्थिति सुधर रही है
मनीष सिसोदिया
उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी, बिजनेस को आसान कर और इलेक्ट्रॉनिक टूल्स के इस्तेमाल की बदौलत सरकार सरकारी खजाने की बर्बादी रोकेगी। मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की आर्थिक स्थिति सुधर रही है।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद बढ़ा है तो प्रतिव्यक्ति आय में 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2015-16 में प्रतिव्यक्ति आय 2,80,142 रहने का अनुमान है जो राष्ट्रीय स्तर 93,231 से तीन गुना है।
इतना ही नहीं दिल्ली में 2015 के दौरान मुद्रास्फीति की दर 4.9 फीसदी रही है जो चेन्नई के 7.8 फीसदी, मुंबई के 7.4 फीसदी और राष्ट्रीय स्तर पर 5.7 फीसदी के मुकाबले सबसे कम है।
आम आदमी पार्टी सरकार के चुनावी वादे को आगे बढ़ाने के प्रावधान बजट में किए गए। बिजली पर सब्सिडी जारी रहेगी तो फ्री पानी योजना भी चलेगी। आम आदमी कैंटीन, आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक व पॉलीक्लीनिक, वाईफाई पायलट प्रोजेक्ट, स्वराज निधि के लिए इंतजाम किया गया है।
यही नहीं 3000 मोहल्ला सभा, राशनकार्ड की पोर्टेबिलिटी, स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, तीन हजार नई बसें, 2017 तक हर घर में पाइप से पीने का पानी, अनाधिकृत कॉलोनियों में सड़क नाली, जहां झुग्गी- वहीं मकान तथा रक्षा दल के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। नगर निगम को एक हजार करोड़ रुपये का अधिक अनुदान भी उन्होंने देने की घोषणा की। हालांकि साथ में नसीहत दी कि जनता का पैसा है इसका सही इस्तेमाल करना।
क्या हुआ सस्ता
ई-रिक्शा, बैटरी चालित वाहन, हाईब्रिड ऑटोमोबाइल्स, मिठाई, नमकीन, 5 हजार रुपये से महंगे रेडीमेड गारमेंट्स, टाइल्स व मार्बल, 5 हजार रुपये से अधिक मूल्य की घडिय़ां, 500 रुपये से अधिक मूल्य के फुटवेयर, 300 रुपये से अधिक मूल्य के स्कूल बैग, होटल-गेस्ट हाउस में 1500 रुपये दैनिक किराए से अधिक मूल्य वाले कमरे टैक्स फ्री।
क्या होगा महंगा
बिना सिले कपड़े, तंबाकू के कुछ उत्पाद, प्लास्टिक कचरा, एल्युमीनियम व मैटल शीट व यूपीएस।