स्वर्णजयंती पुरम में 10 अक्तूबर को जीडीए बाबू के घर से पचास लाख की चोरी करने वाले गैंग के तीन गुर्गों और चोरी का माल खरीदने वाले एक ज्वैलर्स को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
चोरों के इस गैंग को गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने पूर्व में हो चुकी चोरी की 12 वारदातों का खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार बदमाशों के पास से पुलिस ने करीब पांच लाख कीमत की ज्वैलरी बरामद की है।
एसपी सिटी शिवहरि मीणा ने बताया कि पकड़े गए बदमाश डासना निवासी शहजाद, मोहसिन और उस्मान कालोनियों में रेकी कर बंद मकान को तलाशते थे। बदमाश बंद मकान की डोर बेल बजाते थे।
कोई व्यक्ति बाहर आया तो पता पूछ कर आगे बढ़ जाते थे, वरना मकान खाली होने की पुख्ता जानकारी होने के बाद रात के समय वारदात को अंजाम देते थे।
एसपी सिटी के अनुसार चोरी का माल यह बदमाश डासना में ज्वैलर्स की दुकान करने वाले सर्राफ जयभगवान उर्फ सोनी को औने-पौने दामों में बेचते थे।
बदमाशों ने अक्तूबर में ही चोरी की 9 वारदातों को अंजाम दिया, जबकि तीन वारदातें अगस्त माह में की गई थी। एनसीआर क्षेत्र में ये बदमाश अब तक 24 वारदात कर चुके हैं।
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इन वारदातों का हुआ खुलासा :
पीड़ित वारदात की तारीख
सुशील कुमार शुक्ला धन्वंतरि पुरम 21 अक्तूबर
शालिनी दुप्पर, राजनगर सेक्टर -10 25 अक्तूबर
ओमप्रकाश गुप्ता, राजनगर सेक्टर-13 31 अक्तूबर
राकेश वर्मा, अवंतिका 25 अक्तूबर
रंजन कुमार, गौड़ होम, गोविंदपुरम 15 अक्तूबर
राजेश मिश्रा, स्वर्णजयंती पुरम 10 अक्तूबर
भूपेंद्र ढींगरा, बी-ब्लाक कविनगर 25 अक्तूबर
अजय कुमार, पिज्जा हट, आरडीसी 30 अगस्त
कुलदीप सिंह, सेक्टर-4 राजनगर 27 अक्तूबर
विकास कुमार, सहकारी नगर, अवंतिका 15 अक्तूबर
वसीम जेल गया तो शहजाद ने संभाली गैंग की कमान
एसपी सिटी ने बताया कि चोरों के इस गैंग का लीडर पहले वसीम और उसकी पत्नी फईमा थे। उन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
दोनों के साथ शहजाद भी बीते दिनों जेल चला गया था। कुछ महीने पहले ही शहजाद जेल से छूटकर आया और गैंग की कमान थाम ली। वसीम और उसकी पत्नी अभी भी जेल में हैं।
फिल्म रिलीज होते ही गर्लफ्रेंड को दिखाने ले जाता था बदमाश
एसएचओ ने बताया कि मोहसिन हर सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्म का पहले ही दिन पहला शो अपनी गर्लफ्रेंड को दिखाता था। उसे नए कपड़े दिलाता था। उसके और अपने शौक पूरे करने के लिए वह चोरी के गैंग में शामिल हो गया।