तिहाड़ जेल में रहकर भी पूर्व महामंडलेश्वर सचिन दत्ता उर्फ बिल्डर बाबा की अकड़ कम नहीं हुई है। मंगलवार को उसे रिमांड पर लेकर जब पुलिस फोस्टर हाइट्स सोसायटी पहुंची तो उसने रेजिडेंट्स के साथ बेहद तल्ख लहजे में बातें कीं। बिल्डर बाबा ने कहा-मुझे लोन चाहिए था, सो बैंक से लिया।
आप जाओ और बैंक वालों को पकड़ो। बैंकों ने मुझे बिना पड़ताल के लोन क्यों दिया। आपसे धोखाधड़ी का मैं जिम्मेदार नहीं। पूर्व महामंडलेश्वर बिल्डर बाबा सचिन दत्ता को मंगलवार को गाजियाबाद पुलिस ने तिहाड़ जेल से 24 घंटे के रिमांड पर लिया।
इसके बाद सचिन को क्राइम ब्रांच ले जाया गया। वहां पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। बताया गया है कि उसे रात में ही जेल भेज दिया जाएगा।लोगों से ठगी के मामले में पूर्व महामंडलेश्वर सचिन दत्ता के ऊपर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।
15वीं मंजिल बनी नहीं है, लेकिन उस पर भी लोन लिया गया
ये है छह दिन का महामंडलेश्वर।
- फोटो : अमर उजाला
सचिन पर क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में फोस्टर हाइट्स सोसायटी के रेजिडेंट्स के साथ करीब 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इसकी एफआईआर विजय नगर थाने में भी दर्ज है।
सोसायटी की आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को यूपी पुलिस बिल्डर सचिन दत्ता को दोपहर 2 बजे सोसायटी लेकर पहुंची। बिल्डर से पूछा गया कि उसने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके एक फ्लैट पर दो से तीन बार लोन लिया।
15वीं मंजिल बनी नहीं है, लेकिन उस पर भी लोन लिया गया। बिल्डर ने बताया कि बैंक अधिकारियों को इसके लिए मोटा कमीशन दिया जाता था। इस धोखाधड़ी में बैंक प्रबंधन भी पूरी तरह संलिप्त हैं।
ठगी में हैं सभी शामिल
ये है छह दिन का महामंडलेश्वर।
- फोटो : अमर उजाला
लोन बैंक ने अप्रूव्ड किया तो कैसे किया। इस दौरान उसने रेजिडेंट्स के कई सवालों के बेतुके जवाब दिए। रेजिडेंट्स का कहना है कि जेल में रहकर भी सचिन दत्ता की अकड़ कम नहीं हुई है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कानून का जरा भी खौफ नहीं है।
आरोप है कि बिल्डर सचिन दत्ता ने आठ साल पहले फ्लैट्स का रेट 4500 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट बताकर बैंकों से लोन लिया था, जबकि वर्तमान में सोसायटी का रेट 3000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट चल रहा है।
इस तरह से प्रति स्क्वायर फीट में 1500 रुपये का खेल किया गया। इस खेल में सचिन दत्ता की कंपनी और बैंक प्रबंधन दोनों शामिल थे।