विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की।
- फोटो : अमर उजाला
जियारत करने भारत से पाकिस्तान गए हजरत निजामुद्दीन दरगाह से जुड़े दोनों मौलवी सैय्यद आसिफ निजामी और उनके भतीजे सैय्यद नाजिम निजामी सोमवार सुबह दिल्ली लौट आए। दिल्ली पहुंचते ही चाचा-भतीजे ने अल्लाह के अलावा हिन्दुस्तान की जनता, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा मीडिया को धन्यवाद दिया।
दोनों ने सिंध जाने की बात का खंडन करते हुए खुलासा किया कि रॉ व पाकिस्तानी एमक्यूएम (मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट) का सदस्य बताकर उन्हें पाक खुफिया एजेंसियों ने बंधक बना लिया था। लेकिन भारत के दबाव के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
दिल्ली सकुशल लौटने पर दोनों मौलवियों के परिवारों में खुशी का माहौल है। बता दें कि दोनों के गायब होने के बाद पाक की ओर से बताया गया था कि दोनों सिंध के अंदरूनी हिस्से में चले गए हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है।
दिल्ली लौटने के बाद हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादानशीं सैयद आसिफ अली निजामी ने बताया कि वे और उनके भतीजे नाजिम अली छह मार्च को अपनी बहन कमर जहां के यहां कराची पहुंचे थे।
13 मार्च को आसिफ व नाजिम दोनों फ्लाइट से लाहौर पहुंचे
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की।
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वहां एक सप्ताह रुकने के बाद 13 मार्च को आसिफ व नाजिम दोनों फ्लाइट से लाहौर पहुंचे। वहां बाबा फरीदगंज शकर के दरबार में जियारत करने के बाद अगले दिन दाता दरबार में जियारत की गई। 15 मार्च को दोनों वापस कराची के लिए निकले।
लेकिन एयरपोर्ट पर कागजात में कमी बताकर खुफिया एजेंसियों ने नाजिम को अपने कब्जे में ले लिया। यहां से उन्हें मुंह पर काला कपड़ा डालकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इधर, आसिफ वापस कराची पहुंच गए। यहां कराची एयरपोर्ट से उन्होंने अपने घर कॉल कर नाजिम निजामी के बारे में परिवार को सूचना भी दी।
एयरपोर्ट से ही आसिफ व उनके पाक सहयोगी हम्माद जो उन्हें लेने आया था उसको भी बंधक बना लिया गया। उनके मुंह पर भी काला कपड़ा डालकर उन्हें भी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। दोनों पर रॉ का एजेंट होनेे के आरोप लगे।
इसके अलावा पाकिस्तानी कट्टर पार्टी एमक्यूएम का सदस्य होने के भी आरोप लगे। करीब तीन दिनों तक दोनों को बंधक बनाकर अज्ञात स्थान रखा गया। वहां रोजाना उनसे अलग-अलग लोग पूछताछ करते रहे। उनसे भारत-पाकिस्तान आने वाले लोगों के बारे में पूछा गया।
पाक अखबार उम्मत ने बताया था रॉ का एजेंट
सैय्यद आसिफ निजामी और सैय्यद नाजिम निजामी।
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शुक्रवार को लंबी पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दोनों ने बताया कि छोडने के बाद उन्हें पता चला कि उनके गायब होने पर खूब हंगामा हुआ है। भारत पाकिस्तान पर दोनों को छोड़ने के लिए दबाव बनाए हुए थे।
दोनों का कहना था कि शायद भारत के दबाव में ही उनको छोड़ा गया। इधर दोनों के सकुशल भारत लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। दिन भर निजामद्दीन स्थित घर पर लोगों का तांता लगा रहा।
सैय्यद आसिफ निजामी के भतीजे सैय्यद साजिद निजामी ने बताया कि पाक अखबार उम्मद में उनके चाचा आसिफ व भाई नाजिम के खिलाफ लेख छपा था। दोनों को रॉ का एजेंट बताकर भारतीय जासूस बताया गया था। यही नहीं अखबार ने कराची के पखतून इलाके में सक्रिय एमक्यूएम पार्टी का सदस्य बताया था।
सैय्यद आसिफ और सैय्यद नाजिम निजामी सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे दिल्ली पहुंच गए। एयरपोर्ट से सीधे वह हजरत निजामद्दीन औलिया की दरगाह पहुंचे और वहां चादर चढ़ाकर बाबा का शुक्रिया अदा किया।