देश भर के हस्तशिल्पियों की प्रतिभा को मंच देने की तैयारी जीडीए ने शुरू की है। जीडीए शहर का पहला बुनकर मार्ट बनाएगा। जीडीए वीसी के निर्देश पर अधिकारियों ने मार्ट की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
मार्ट के लिए मधुबन-बापूधाम योजना में 10 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। जीडीए अधिकारियों ने वेयरहाउस निर्माण की योजना का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।
वेस्ट यूपी में गाजियाबाद के आसपास ही कई हस्तशिल्प के केंद्र हैं। इनमें खुर्जा की पॉटरी, जहांगीराबाद के लिहाफ, गढ़ का मूढ़ा, सिकंदराबाद की हाथ से तैयार दरी आदि आदि की लोकप्रियता देश-विदेश में है।
हस्तकला के प्रति शहरवासियों का लगाव शहर में लगने वाले शिल्प मेलों से दिखता है। इन मेलों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते हैं। इसको देखते हुए जीडीए बुनकरों को स्थान उपलब्ध करवाने के साथ ही तैयार हस्तकला के उत्पादों को बाजार देने की भी कोशिश करेगा।
बुनकरों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि यह अपनी तरह का अनूठा बुनकर मार्ट होगा। 10 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले इस मार्ट में बुनकरों की जरूरत के सभी संसाधनों को विकसित किया जाएगा।
बुनकरों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ हस्तशिल्प उत्पादों का बाजार भी तैयार किया जाएगा। योजना पर काम शुरू हो गया है।