कांग्रेस सांसद और लोकसभा प्रत्याशी राजबब्बर ने शनिवार को अपने लोकसभा क्षेत्र गाजियाबाद में धमाकेदार एंट्री की।
करीब 50 गाड़ियों के काफिले के साथ गाजियाबाद पहुंचे राजबब्बर ने सबसे पहले महापुरुषों को नमन कर उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
उन्हें बाहरी प्रत्याशी बताकर चुनाव में नया मुद्दा खड़ा करने वालों को राजबब्बर ने जवाब देते हुए कहा कि वह गाजियाबाद में उनका सिर्फ चुनावी घर नहीं, स्थायी आशियाना होगा। मुंबई के बाद गाजियाबाद दूसरी जगह होगी, जहां उनके मकान पर नेम प्लेट लगेगी।
यूपी गेट से गाजियाबाद में एंट्री करते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें गाड़ी की छत पर बैठा दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से घिरे राजबब्बर का लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया।
साढ़े तीन घंटे के रोड शो के बाद जिला कार्यालय पर पहुंच राजबब्बर ने कहा कि उन्हें बाहरी प्रत्याशी बताने वाले उस समय कहां गए थे जब वह बझेड़ा में किसानों के आंदोलन में 32 बार जेल गए थे।
रोड शो में जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव, प्रदेश प्रवक्ता राजीव त्यागी, लोकसभा प्रभारी नरेंद्र राठी, लोकेश चौधरी, स्याना विधायक दिलनवाज खान, महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी, नसीम खान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजबब्बर ने राजनाथ सिंह का नाम लिए बगैर ही उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सांसद के पास विकास करने के लिए मौका था, लेकिन पांच साल में भी विकास नहीं किया।
एनएच-24 के एक तरफ विकसित शहर नोएडा और दूसरी तरफ बदहाल गाजियाबाद है। पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, कानून व्यवस्था सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी।
राजबब्बर ने कहा कि टाउनशिप के लिए किसानों से जबरन जमीन छीनी तो बझेड़ा जैसा आंदोलन फिर चलेगा। किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलूंगा। नेताओं-अफसरों की दलाली नहीं चलेगी।
राजबब्बर के गाजियाबाद में पहले ही दिन संगठन की फूट सामने आई। टिकट न मिलने से खफा पूर्व सांसद सुरेंद्र प्रकाश गोयल और एआईसीसी मेंबर सतीश त्यागी रोड शो में नजर नहीं आए। हालांकि पूर्व सांसद गुट के अन्य नेता मौजूद रहे।
पार्टी की गुटबाजी के सवाल पर राजबब्बर ने कहा कि वह किसी गुट के प्रत्याशी नहीं, बल्कि सोनिया और राहुल गांधी के प्रत्याशी हैं। पार्टी के लिए सभी कार्यकर्ता सहयोग करेंगे।