नूंह खंड के गांव रानीका-बुराका की संयुक्त पंचायत में इस बार पेयजल की समस्या का समाधान चुनाव में बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। यहां पंचायत चुनाव तीसरे चरण में 24 तारीख को होने हैं।
बता दें कि गांव में मल निकास नालियों के निर्माण, बिजली लाइनों में सुधार, पेयजल की समुचित व्यवस्था, आम रास्तों का निर्माण मुख्य बिंदु हैं।
ग्रामीण मुश्ताक ठेकेदार, इसराइल, नजीर, इदरिश आदि का कहना है कि गांव को कीचड़ मुक्त बनाने वाले को लोग सरपंच देखना चाहते हैं।
गांव में सरपंच पद के लिए पुत्रवधु मैदान में हैं, लेकिन असल मायने पर ससुरों की साख दांव पर है। फकरूद्दीन की पुत्रवधु परमीना, मजीद की पुत्रवधु रूकसीना और सुबीना पत्नी शहजाद मुकाबले में हैं।
उधर दोनों गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र अभी तक नहीं बने हैं। बिजली के जर्जर तार होने से गांव को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है।
ग्रामीण अली मोहमद बताते हैं कि गांव की बिजली को अगर निदामपुर लाइन से जोड़ दिया जाए तो रानीका के लोगों को सुचारु बिजली मिल सकती है। उधर गांव रानीका से मालब जाने वाले रास्ते में कई माह से रोड़े डाले हुए हैं इसके बावजूद इसका निर्माण नहीं हो रहा है।