नवंबर से शुरू होने की तैयारी, स्टेशन के आसपास अतिक्रमण और ई-रिक्शा संचालन सबसे बड़ी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गोकलपुरी से भजनपुरा के बीच बन रहा राजधानी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर नवंबर से जनता के लिए खोलने की तैयारी है। अक्तूबर अंत तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, फ्लाईओवर के शुरू होने के साथ एक नया सवाल भी है कि इससे यमुनापार के इस बड़े जाम प्वाइंट से पूरी तरह राहत मिलेगी या फिर जाम की समस्या केवल कुछ सौ मीटर आगे खिसक जाएगी।
दरअसल, फ्लाईओवर का अंतिम हिस्सा भजनपुरा मेट्रो स्टेशन के पास उतरता है। यह इलाका पहले से ही भारी ट्रैफिक झेल रहा है। स्टेशन के आसपास बड़ी संख्या में ई-रिक्शा संचालित होते हैं और सड़क किनारे अतिक्रमण भी है। ऐसे में फ्लाईओवर से तेजी से आने वाला ट्रैफिक सीधे इसी क्षेत्र में पहुंचेगा। अगर यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो वाहन फ्लाईओवर से उतरने के बाद फिर जाम में फंस सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने हाल ही में अधूरा काम नए ठेकेदार को सौंपा है। पहले ठेकेदार के काम छोड़ देने के कारण परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी। फ्लाईओवर के दोनों ओर करीब 20-20 मीटर के रैंप का निर्माण बाकी था, जिसके चलते लोगों को लगातार ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा था।यह परियोजना तकनीकी रूप से भी खास है। इसमें एक ही ढांचे पर ऊपर मेट्रो ट्रैक और नीचे फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद गोकलपुरी, यमुना विहार, भजनपुरा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय कम होने की उम्मीद है। रोजाना हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं और पीक आवर्स में लंबा जाम आम बात है। फ्लाईओवर के अंतिम छोर पर यातायात का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है। इसके लिए ई-रिक्शा की पार्किंग और संचालन को व्यवस्थित करना, अतिक्रमण हटाना तथा मेट्रो स्टेशन के आसपास बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन लागू करना होगा।