शहर के अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुखारों के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में सबसे ज्यादा डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण के मरीज ही आ रहे हैं।
लेकिन रिपोर्ट में डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे में नए तरह के वायरस एक्टिव होने का खतरा बढ़ गया है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी एक्टिव हो गया है।
ऐतियातन स्वास्थ्य विभाग मरीजों के कुछ सैंपलों को पुणे की लैब में जांच के लिए भेजने पर विचार कर रहा है। ताकि सही बीमारी का पता चल सके। इस मौसम में हर दिन जिला अस्पताल में 1900 से 2000 सिर्फ बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसमें से हर दिन वायरल और चिकनगुनिया के जैसे लक्षण वाले 1000 से अधिक मरीज हैं।
प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में फिजिशियन के पास भी मरीजों का आंकड़ा बढ़ गया है। यहां पर अधिकतर मरीज चिकनगुनिया के लक्षण के ही आ रहे हैं। लेकिन जांच के दौरान मरीज में चिकनगुनिया की पुष्टि नहीं हो रही है।
डॉक्टरों को भी समझ में नहीं आ रहा है आखिरी ये कौन सा वायरस है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉक्टर विजय दीपक वर्मा ने बताया कि अस्पतालों में बुखार के मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है।
मरीज चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण जैसे आ रहे हैं। लेकिन पुष्टि नहीं हो रही है। इसलिए सैंपलों का पुणे की लैब में जांच कराने पर विचार किया जा रहा है।