फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एलजी के खिलाफ मांगा महाभियोग का अधिकार

Wed, 27 May 2015 06:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली सरकार के संसदीय सचिव आदर्श शास्त्री ने केंद्र सरकार की अधिसूचना और उपराज्यपाल से टकराव के मुद्दे पर विस में चर्चा के दौरान संविधान संशोधन करके दिल्ली में उपराज्यपाल पर महाभियोग चलाने का अधिकार दिए जाने की मांग रखी।
विज्ञापन


शास्त्री ने कहा है कि सरकारिया समिति ने राज्यों के लिए विधानसभा को इस तरह की शक्ति देने केलिए संविधान की धारा 155 और 156 में संशोधन करके राज्यों को राज्यपाल या उपराज्यपाल पर महाभियोग चलाने की शक्ति देने की सिफारिश की है।

दिल्ली विधानसभा इस संबंध में प्रस्ताव पास करके केन्द्र को भेजे। आदर्श शास्त्री ने अधिसूचना पर चर्चा के दौरान कानून व संविधान विशेषज्ञों की राय का जिक्र करके कहा कि केन्द्र सरकार और उपराज्यपाल संविधान की अवहेलना करके काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


वहीं आदर्श शास्त्री ने विधानसभा से निकलकर कहा कि सरकारिया समिति ने जब संसद में राष्ट्रपति की तरह राज्यों में राज्यपाल व उपराज्यपाल पर महाभियोग चलाने के लिए संधोधन की सिफारिश दी है तो कोशिश होनी चाहिए।

अधिसूचना को न मानने का भी रखा प्रस्ताव

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की तरफ से केंद्र सरकार की अधिसूचना पर चर्चा के प्रस्ताव में दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री व विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष सोमनाथ भारती ने प्राइवेट मेंबर के तौर पर अधिसूचना को न मानने का प्रस्ताव रख दिया।

इस प्रस्ताव पर बुधवार को चर्चा होगी। इससे पूर्व 13 विधायकों ने मनीष सिसोदिया के प्रस्ताव पर चर्चा की। सोमनाथ भारती ने कानून व संविधान विशेषज्ञ गोपाल सुब्रमणियन, के के वेणुगोपाल, राजीव धवन, इंदिरा जयसिंह, विश्वजीत भट्टाचार्य और विवेक के तंखा की राय का जिक्र करके बताया कि अधिसूचना गैर कानूनी व असंवैधानिक है।

सोमनाथ भारती ने प्रस्ताव में कहा है कि संविधान की आरक्षित विषय एंट्री नंबर-41 में डालने की संविधान के खिलाफ केन्द्र सरकार ने कोशिश की है। यह अवैध और असंवैधानिक है। इसे न सिर्फ दिल्ली विधानसभा बल्कि संसद के अधिकार क्षेत्र का भी हनन है।

इसलिए इस अधिसूचना को नहीं माना जाना चाहिए। फिर लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखकर यह बताया जाए कि आप लोगों के अधिकार पर गृह मंत्रालय अतिक्रमण कर रहा है। क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 368 में शक्ति सिर्फ सांसदों को संविधान बदलने की है।

सत्र से पहले एलजी से केजरीवाल ने की मुलाकात

दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की। विवाद के बाद यह पहली मुलाकात है।

मुलाकात में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का जिक्र करके अधिसूचना को न मानने की बात पर चर्चा हुई। फैसले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई करने के अधिकार का जिक्र है।

साथ ही सत्र के विषय में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव केके शर्मा साथ थे। सूत्रों के अनुसार विस में केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ प्रस्ताव लाकर जंग को अगले स्तर तक ले जाने के संकेत भी दिए।
विज्ञापन

जरनैल सिंह मामला भी उठा

तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने नियम 280 में दिल्ली पुलिस पर केंद्र के इशारे पर विधायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया।

जरनैल सिंह ने कहा कि मैं अदालत में मौजूद था और दिल्ली पुलिस आयुक्त ने फरार घोषित कर दिया। विधायक का दर्द महसूस करके विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि अगर पुलिस आयुक्त एक विधायक को भगोड़ा घोषित करता है और एमएलए को जमानत लेनी पड़ती है।

उसकी पीड़ा समझनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक के अधिकारों का हनन है या नहीं इसकी जांच करके जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपता हूं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें