नोएडा के हरौला में शादी के तीन साल बाद भी माता-पिता न बन सके दंपति ने पड़ोसी का सात महीने का बच्चा चुरा लिया। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम ने नवजात को दिल्ली के टैगोर गार्डन से सकुशल बरामद किया।
पुलिस ने अपहरण के आरोप में दंपति और दो अन्य लोगों को पकड़ लिया है। नाबालिग होने के कारण एक आरोपी को सुधार गृह भेज दिया गया।
आरोपी बृहस्पतिवार रात बच्चे को सेक्टर-35 बस अड्डे से आगरा के रास्ते मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ ले जाने वाले थे।
बच्चा न होने से परेशान था दंपति
एसपी सिटी योगेश कुमार सिंह ने बताया कि मूलरूप से हाथरस के सिकंदरामउ निवासी जगदीश फिलहाल पत्नी नीरज और दो बच्चों के साथ हरौला के हनुमान मार्केट में रह रहे हैं।
वह सेक्टर-10 स्थित एक गारमेंट कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके पड़ोस में ही टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) के पल्हेरा निवासी गजराज पत्नी रूबी के साथ रहता था।
गजराज अपने भाई राजेश के साथ नोएडा में राजमिस्त्री का काम करता है। गजराज और रूबी की तीन साल पहले शादी हुई थी। बच्चा न होने से दंपति परेशान था।
खिलाने के बहाने ले गया
21 जुलाई की शाम करीब छह बजे रूबी का 12 वर्षीय नाबालिग देवर जगदीश की पत्नी नीरज से उसके बेटे सूरज को खिलाने के बहाने ले गया। जब वह वापस नहीं लौटा तो पीड़ित परिवार गजराज के घर पहुंचा।
वहां आरोपी दंपति और उसके दोनों भाई गायब मिले। उनके मोबाइल भी बंद हो चुके थे। जगदीश ने 19 जुलाई की रात में सेक्टर-20 पुलिस थाने में गजराज, रूबी और उसके भाइयों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया।
रूबी ने मां बनने के लिए नीरज से पूछा था डॉक्टर
नीरज ने बताया कि रूबी ने कई बार डॉक्टर से इलाज कराने की बात कही थी। इस पर नीरज ने उसको अट्टा में एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के लिए कहा था।
सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में डेढ़ साल पहले भी ओपीडी से एक महिला का बच्चा चोरी हो गया था। इस पर लोगों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया था। सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज हुआ था।
दिल्ली के टैगोर गार्डन में रखा था सूरज को
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया था। इसके बाद बृहस्पतिवार रात बच्चे को सेक्टर-35 स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे से रूबी, गजराज और उसके भाइयों को पकड़ लिया गया। आरोपी रात में बच्चे को रोडवेज बस से आगरा के रास्ते टीकमगढ़ ले जाने की फिराक में थे।
सीओ प्रथम नोएडा शिवराम यादव ने बताया कि आरोपियों ने 19 की रात से 24 जुलाई तक सात माह के सूरज को दिल्ली के टैगोर गार्डन में रिश्तेदार के यहां रखा था। पड़ोस के लोगों के पूछने पर रूबी ने रिश्तेदार का बेटा बताया था। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि शादी के तीन साल बाद भी वह मां नहीं बन पाई थी, इसलिए मां कहलाने के लिए वह सूरज को ले गई थी।