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मुख्यमंत्री दरबार में मेट्रो फेज-4 को मिली मंजूरी, 104 किमी ही रहेगी लंबाई

Mon, 11 Jul 2016 05:34 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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metro - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-4 की लंबाई इससे ज्यादा न बढ़ाने की दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की बात मान ली है। फेज-4 की लंबाई 104 किमी ही रहेगी और इसमें छह कॉरिडोर ही शामिल होंगे। 
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कॉरिडोर के रूट में बदलाव या कोई नया रूट इस चरण में नहीं जुड़ेगा। मेट्रो के इस फेज में काम आगे बढ़ाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी की चिट्ठी दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक को भेज दी है। 

इस चरण का निर्माण पूरा होने पर 2021 तक 16.21 लाख, 2031 तक 22.24 लाख अतिरिक्त यात्रियों को फायदा मिलेगा। डीएमआरसी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि डीएमआरसी ने 2 मार्च, 2016 की चिट्ठी में जो कॉरिडोर बताए थे, उसे प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति दिलाने के लिए जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। 
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डीएमआरसी ने  पत्र में कहा था कि फेज-4 की मंजूरी में काफी देरी हो चुकी है। सरकार अब नए कॉरिडोर जोड़ने, रूट बदलाव न करें क्योंकि राइट्स की रिपोर्ट और दिल्ली सरकार की तरफ से फिजिबिलिटी स्टडी स्वीकृति के बाद ही चौथे चरण के कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई गई थी।

द्वारका से कंझावला के लिए तीन औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में कम से कम 6-7 महीने लगेंगे। इसलिए फेज-5 में शामिल किया जाए। 
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डीएमआरसी का तर्क- क्यों न टाले जाएं कॉरिडोर

मेट्रो में नौकरी का मौका
दिल्ली मेट्रो फेज-4 के डीपीआर की मंजूरी का प्रस्ताव डीएमआरसी की तरफ से लंबे समय से लंबित है। छह में से चार नए व दो पुराने कॉरिडोर के एक्सटेंशन हैं। फेज-4 के कॉरिडोर आने से एनसीआर की सभी लाइन नेटवर्क आपस में जुड़ जाएगा। 

केंद्र सरकार से भी मंजूरी जरूरी
दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी के पत्र के कॉपी शहरी विकास मंत्रालय के सचिव को भी भेजी है। दिल्ली कैबिनेट से स्वीकृति के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से भी प्रोजेक्ट की मंजूरी लेनी होती है। फेज-4 के कॉरिडोर पर वर्तमान अनुमान के हिसाब से करीब 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

डीएमआरसी का तर्क, क्यों न टाले जाएं कॉरिडोर
दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने लाजपत नगर से साकेत के कॉरिडोर को बीआरटी के समांतर होने का हवाला देकर टालने के लिए कहा था। डीएमआरसी ने कॉरिडोर को नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण बताया है। 

तर्क है कि यह कॉरिडोर लाजपत नगर में लाइन-5 और लाइन-7 को कनेक्टिविटी देगी तो चिराग दिल्ली पर लाइन-8 को जोड़ेगी। प्रस्तावित बदरपुर से एरोसिटी लाइन साकेत और साकेत डिस्ट्रिक्ट सेंटर को भी यह लाइन जोड़ेगी। 

जनकपुरी से आरके आश्रम कॉरिडोर को बीआरटी के समानांतर बताकर टाले जाने पर मेट्रो ने कहा है कि जनकपुरी पश्चिम से मुकुंदपुर के बीच यह लाइन-3, लाइन-5, लाइन-1, लाइन-2 और लाइन-7 को कनेक्टिविटी देगा। यहां सड़क के एलिवेटेड कॉरिडोर को मेट्रो का विकल्प के तौर पर नहीं देखा जा सकता। नजफगढ़ से आने वाले लोगों को बाकी हिस्से से जोड़ने में भी यह कॉरिडोर जरूरी है।
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