हरियाणा में नए कलेक्टर रेट लागू होने से एनसीआर में सबसे सस्ती जमीन फरीदाबाद में है जबकि गुरुग्राम में महंगी है। इससे आमजन, निवेशकों और किसानों पर सीधा असर पड़ रहा है। इस बार हाईवे किनारे व सैलाबी श्रेणी की कृषि भूमि के कलेक्टर रेट सबसे अधिक बढ़े हैं। वहीं एनसीआर के अन्य महंगे इलाकों की अपेक्षा में फरीदाबाद अब भी सस्ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरों में इस बार सबसे अधिक वृद्धि की गई है। कांवरा (तिगांव), डेघोट, जुन्हेड़ा, दयालपुर, चंदावली, अटाली, बल्लभगढ़-बदरौला मार्ग और फफूंडा जैसे क्षेत्रों में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। कांवरा गांव में कृषि भूमि के रेट 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं, वहीं फफूंडा और जुन्हेड़ा जैसे इलाकों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। चंदावली में नहर के पास की भूमि में 30 प्रतिशत तक दरें बढ़ाई गई हैं।
निवेशकों की पहली पसंद बन रहा फरीदाबाद
फरीदाबाद में नए कलेक्टर रेट लागू होने के बाद कृषि, रिहायशी और व्यावसायिक श्रेणियों में 10 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। कांवरा, चंदावली, बल्लभगढ़, नीमका जैसे क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तेजी से बढ़े हैं। हालांकि एनसीआर के अन्य इलाकों जैसे नोएडा सेक्टर-18, गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड, डीएलएफ फेज-1 से 5 और गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अब भी कलेक्टर रेट फरीदाबाद से ज्यादा हैं।
गुरुग्राम। शहर में अपने घर के लिए जमीन खरीदने वालों को सबसे ज्यादा कलेक्टर रेट दिल्ली रोड, महरौली रोड और डीएलएफ फेज-2 के लिए चुकाने होंगे। दिल्ली रोड पर निवासीय श्रेणी की जमीन के लिए कलेक्टर रेट 1.41 लाख रुपये से बढ़ाकर 1,77,125 रुपये प्रति गज कर दिए गए हैं, जबकि डीएलएफ- फेज 2 में 1,15,100 रुपये से बढ़ाकर 1,49,630 रुपये का रेट किया गया है।
इनके अलावा सेक्टर 28, सिविल लाइंस से जेल रोड के बीच निवासीय जमीन के लिए 30 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ाया गया है। इसमें निवासीय श्रेणी में 30 फीसदी तक तो कृषि भूमि के कलेक्टर रेट 50 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। लोगों ने इस पर आपत्ति की है और इसे जेब पर बोझ करार दिया है। गुरुग्राम तहसील में डीएलएफ फेज दो में रेट 1,15,100 रुपये वर्ग गज से बढ़कर 1,49,630 वर्ग गज हो गया है। यानि इस एरिया में 30 फीसदी रेट बढ़ा है।