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Delhi Pollution: प्रदूषण से राहत के लिए मिस्टिंग प्रणाली को विस्तार देने का फैसला, यह है एनडीएमसी की योजना

Wed, 03 Sep 2025 07:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली

सार

लोधी रोड पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्थापित स्वचालित मिस्टिंग प्रणाली के उत्कृष्ट परिणाम आने के बाद इसे नई दिल्ली क्षेत्र की 24 प्रमुख सड़कों तक फैलाया जाएगा। यह कार्य अगले वर्ष फरवरी तक पूरा होगा।
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Delhi Pollution - फोटो : freepik
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विस्तार
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राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने मिस्टिंग प्रणाली को विस्तार देने का निर्णय लिया है। लोधी रोड पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्थापित स्वचालित मिस्टिंग प्रणाली के उत्कृष्ट परिणाम आने के बाद इसे नई दिल्ली क्षेत्र की 24 प्रमुख सड़कों तक फैलाया जाएगा। यह कार्य अगले वर्ष फरवरी तक पूरा होगा। इस योजना पर 15 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

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एनडीएमसी ने कुछ समय पहले लोधी रोड पर स्वचालित मिस्टिंग प्रणाली स्थापित की थी। उसका यह प्रयोग सफल रहा और विभिन्न सरकारी एजेंजी पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, फरीदाबाद व गुरुग्राम नगर निगम ने भी इसकी सराहना की। लोधी रोड पर मिले इस सकारात्मक अनुभव ने राजधानी की अन्य सड़कों पर भी इसी प्रणाली को लागू करने का रास्ता खोल दिया। 

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के अनुसार, प्रदूषण की समस्या को प्राथमिकता पर हल करने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र की प्रमुख एवेन्यू सड़कों पर इस प्रणाली का विस्तार किया जाए। पहले चरण में बाराखम्बा रोड, फिरोज शाह रोड, सिकंदरा रोड, भगवान दास रोड, कॉपरनिकस मार्ग, तिलक मार्ग, शंकर रोड, मंदिर मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग समेत 24 सड़कों पर यह योजना लागू होगी।
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इस तरह काम करेगी मिस्टिंग प्रणाली
मिस्टिंग प्रणाली के तहत उच्च क्षमता वाले पंप, आधुनिक नोजल्स, आरओ यूनिट, स्टेनलेस स्टील पाइप्स और नायलॉन पाइप्स का उपयोग होगा। प्रत्येक सड़क पर पंप हाउस (पोर्टा केबिन) स्थापित किए जाएंगे। ये सभी उपकरण मिलकर वातावरण में महीन जलकणों का छिड़काव करेंगे, जिससे हवा में मौजूद धूल और सूक्ष्म कण कम होंगे।

धूल के दोबारा उड़ने की समस्या घटेगी। वायुजनित प्रदूषकों का स्तर नीचे आएगा। वातावरण में नमी बढ़ेगी और गर्मी व प्रदूषण से राहत मिलेगी। इस प्रणाली से लोगों को सांस लेने के लिए अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम घटेंगे।

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