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Delhi NCR News: हास्य के रंग में रंगा सभागार, नाटक ने गुदगुदाया

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पंचानन पाठक स्मृति सप्ताहांत हास्य नाट्य समारोह में डॉक्टर डॉक्टर और तीन थे भाई का मंचन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कभी गलत पहचान ने हास्य पैदा किया तो कभी छोटे शहर के तीन भाइयों के बड़े सपनों और फिल्मी दुनिया की हकीकत ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। पंचानन पाठक स्मृति सप्ताहांत हास्य नाट्य समारोह के तहत एलटीजी सभागार में दो हास्य नाटकों का मंचन हुआ। शाम चार बजे संजय पोपली के निर्देशन में डॉक्टर डॉक्टर और शाम सात बजे तीन थे भाई प्रस्तुत किया गया। दोनों नाटकों के दौरान सभागार हंसी और तालियों से गूंजता रहा।
धोबी बना डॉक्टर, बढ़ती गई उलझन
डॉक्टर डॉक्टर की कहानी शराब के आदी धोबी लल्लू और उसकी पत्नी तारा के इर्द-गिर्द घूमती है। लल्लू से बदला लेने के लिए तारा उसे डॉक्टर बताकर डॉन मेहरा के पास भेज देती है। वहां उसे डॉन की बीमार बेटी का इलाज करना पड़ता है। एक साधारण धोबी के अचानक डॉक्टर की भूमिका में फंसने से पैदा होने वाली परिस्थितियां नाटक को हास्यपूर्ण बना देती हैं।
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नाटक में अर्चना कुमारी, मनजीत सिंह, अर्चना घई, बाबू भाई, विजय शर्मा, संजय पोपली और दिव्यकांत ने अभिनय किया। नाटक के मूल लेखक मोलिएर हैं। गीतकार स्वर्गीय प्रेम भारती और गायक मनोज हैरी रहे।
मुंबई पहुंचे तीन भाइयों की कहानी
दूसरे नाटक तीन थे भाई में छोटे शहर के तीन भाइयों के फिल्मी दुनिया में नाम कमाने के सपनों और वहां की वास्तविकता के बीच का अंतर हास्य के जरिए सामने आया। गांव की रामलीला में अभिनय करने वाले तीनों भाई बड़ा अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचते हैं, लेकिन फिल्मी दुनिया की चमक-दमक उनकी उम्मीदों से अलग निकलती है।
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नाटक में राजत, प्रियंश, जतिन, आर्यन मावी, स्वाति, विदुषी, अजय, नागेंद्र, हर्ष, अभिनव और प्रेरणा ने विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। दोनों प्रस्तुतियों में हास्य के साथ जीवन की विडंबनाओं और मानवीय भावनाओं को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
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