तकनीकी उन्नति ने दिल के पेचीदा इलाज को पूरी तरह बदल दिया है। कुछ ऐसा ही मामला बीएलकेसुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में देखने को मिला। जहां कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण किया गया है।
कुर्दिस्तान से इलाज की चाह में भारत पहुंचे युवक का स्वास्थ्य अब ठीक है। अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक व वैस्कुलर सर्जरी के विभागाध्यक्ष व चेयरमैन डॉ. अजय कौल ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने 15 जुलाई को कुर्दिस्तान से आए 32 वर्षीय कारोबारी कारवान गफूर मोहम्मद के दिल में लेफ्ट वेंट्रिक्युलर असिस्टिव डिवाइस को सफलतापूर्वक लगाने के बाद जीवनरक्षक आर्टिफिशियल हार्ट इंप्लांट किया गया।
डॉ. कौल के मुताबिक, गफूर अस्पताल में टर्मिनल हार्ट कंडीशन (कार्डियोमायोपैथी) के साथ पहुंचे थे। जांच में पाया कि उनके दिल की मांसपेशी में कुछ दिक्कत है।