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डीटीयू के शोध में 2016 की सम-विषम योजना सफल

Fri, 27 Sep 2019 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार दिल्ली में सम-विषम योजना सफल है
  • दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की रिपोर्ट में खुलासा 
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में 36 फीसदी प्रदूषण का कारण ऑटोमोबाइल है
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार दिल्ली में सम-विषम योजना सफल है। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की टीम ने एक से पंद्रह जनवरी 2016 तक आयोजित सम-विषम योजना के दौरान पीतमपुरा, पंचकुइयां रोड व नजफगढ़ रोड पर किए अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा किया है। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में 36 फीसदी प्रदूषण का कारण ऑटोमोबाइल है। रिपोर्ट पिछले दिनों  ट्रांसपोर्टेशन रिसर्च पार्ट डी के तहत ‘ पीएम 2.5और पीएम1.0 उत्सर्जन पर ऑड-ईवन ड्राइविंग स्कीम का प्रभाव’ शीर्षक से जनरल में प्रकाशित भी हुई है। 

कुलपति प्रो. योगेश सिंह के मुताबिक शोध विश्वविद्यालय के पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर, डॉ. राजीव कुमार मिश्रा और उनकी टीम ने किया है। दिल्ली की हवा में प्रदूषण को कम करने के लिए लागू सम-विषम योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।  
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जनवरी 2016 में दिल्ली सरकार की इस योजना के चलते वायु प्रदूषक पीएम 2.5और पीएम1.0 की सांद्रता में कमी आई थी। केवल 15 दिन के ट्रायल में ही परिवेशी वायु में पीएम2.5में औसतन 5.73 फीसदी और पीएम 1.0 में औसतन 4.70फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। 

प्रो. सिंह के मुताबिक, पीतमपुरा (मधुबन चौक), पंचकुइयां रोड और नजफगढ़ रोड के तीन प्रमुख यातायात गलियारों में सम-विषम योजना का अध्ययन किया गया है। अध्ययन में पीएम 2.5और पीएम1.0 के रियल-टाइम पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) डेटा को शहर में सम-विषम ड्राइविंग स्कीम के कार्यान्वयन के पहले चरण के दौरान इन तीनों यातायात गलियारों से एकत्र किया गया था। 

सम-विषम योजना से पहले और उसके दौरान पीएम2.5और पीएम1.0की सांद्रता के तुलनात्मक विश्लेषण से पता चला है कि इन तीनों सड़क गलियारों में ड्राइविंग स्कीम के दिनों में पीएम2.5और पीएम1.0की सांद्रता में कमी आई थी। इसके अलावा सड़क किनारे के स्थानों पर वाहनों के उत्सर्जन के कारण पीएम1.0 में वृद्धि होती है। 

दिल्ली में 64 फीसदी दोपहिया वाहन :
 रिपोर्ट में दावा किया गया है कि  2017 में दिल्ली में वाहनों की संख्या 10 मिलियन से अधिक हो गई है। इसमें  64 फीसदी संख्या दोपहिया वाहनों की है। जबकि 30 फीसदी कार, जीप समेत अन्य वाहन शामिल हैं। 

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