-सीएम ने पीडब्ल्यूडी की समीक्षा बैठक में परियोजना पर जल्द काम शुरू करने के दिए हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुकरबा चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से जूझने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर है। पिछले छह वर्षों से फाइलों में दबी मुकरबा बाईपास परियोजना को अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक में इस अटकी हुई योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के निर्देश दिए हैं।
इस योजना के तहत करीब पौने दो किलोमीटर (1.75 किमी) लंबा बाईपास बनाया जाएगा, जो पूरी तरह से एलिवेटेड होगा। इसकी ऊंचाई जमीन से करीब पांच मीटर होगी और इसे चार लेन का बनाने की योजना है। यह मार्ग वजीराबाद की ओर से आने वाले बाहरी रिंग रोड पर मुकरबा चौक से एक किलोमीटर पहले, भलस्वा फ्लाईओवर से शुरू होगा। वहां से यह सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के बड़े नाले के ऊपर से गुजरते हुए सीधे संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के पास एनएच-44 से मिल जाएगा।
वर्तमान में वजीराबाद या कश्मीरी गेट की ओर से आकर सोनीपत, करनाल और अंबाला जाने वाले वाहनों को मुकरबा चौक के भारी जाम का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रशासन ने कश्मीरी गेट से आने वाली बसों का रूट भी बदला, लेकिन इससे जाम की समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकला। इस नए बाईपास के बनने के बाद, वाहन चालक मुकरबा चौक के मुख्य चौराहे पर जाए बिना सीधे हाईवे पर निकल सकेंगे। इसी तरह, करनाल की ओर से आने वाले वाहन भी बिना चौक पर फंसे वजीराबाद की ओर जा सकेंगे। इस परियोजना को सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है, बशर्ते नाले की सफाई और पानी की निकासी में कोई बाधा न आए। अब दिल्ली जल बोर्ड, रेलवे और एनएचएआई से एनओसी मिलना बाकी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही इन विभागों से भी मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद मामला उपराज्यपाल की अध्यक्षता वाली यूटीपेक की बैठक में रखा जाएगा।