सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने से फैल रही गंदगी पर एनजीटी में चल रही थी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने से फैल रही गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी खतरे का मामला अब विभागों के बीच जिम्मेदारी तय करने तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) में चल रही सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कहा कि कबूतरों की गंदगी, फुटपाथ की सफाई और अवैध दाना विक्रेताओं पर कार्रवाई करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
एनजीटी में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा था कि राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर न केवल गंदगी फैलती है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। याचिका में अवैध दाना बेचने वालों और सार्वजनिक स्थानों पर बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया था।
एनजीटी में दाखिल अपने जवाब में पीडब्ल्यूडी ने कहा कि विभाग की भूमिका केवल सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव तक सीमित है। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित स्थानीय निकायों की है। दूसरी ओर, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने एनजीटी को बताया कि उसने कबूतरों को दाना खिलाने वाले कई स्थानों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। परिषद के अनुसार जनवरी में 23, फरवरी में 14 और मार्च में 39 चालान जारी किए गए हैं।