यात्रियों की नहीं होती कोई सुरक्षा जांच
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ओल्ड फरीदाबाद के प्लेटफार्म नंबर दो पर पुलिस सहायता बूथ बनाया गया है। मगर वह अक्सर खाली पड़ा रहता है। उस बूथ में लगी सीट पर अक्सर यात्री या फिर साधु बाबा सोते दिखाई देते हैं। बुधवार को भी बूथ खाली था और उसमें कोई नहीं बैठा था।
यार्ड की दीवार भी टूटी
रेलवे स्टेशन के साथ माल गोदाम की दीवार भी टूटी पड़ी है। ऐसे में कोई भी आसानी से वहां से आ जा सकता है। रेलवे की तरफ से माल गोदाम की दीवार को बनवाने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। टूटी दीवार के साथ टैंपों व अन्य वाहन खड़े रहते हैं। वहीं शाम ढलते ही माल गोदाम शराबियों और जुआरियों का अड्डा बन जाता है। अक्सर रात को शराब पीकर झगड़ा होने की घटनाएं सुनने को मिलती रहती हैं।
अंबाला में किसी तरह का कोई धमकी भरा पत्र मिलने की जानकारी नहीं है और न ही विभाग ने कोई जानकारी दी है। जब वहां से कोई सूचना आएगी तो उसी हिसाब से सुरक्षा पुख्ता कर दी जाएगी। - मोहिंद्र सिंह, डीएसपी, राजकीय रेलवे पुलिस, फरीदाबाद