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आतंकी का पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा, 2007 में दिल्ली में हमले की तैयारी में आया था फैय्याज

Tue, 02 Apr 2019 09:09 AM IST
रचना शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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पुलिस की गिरफ्त में आतंकी - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि फैय्याज अहमद लोन जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा आतंकी है। 2007 में राजधानी में बड़े हमले की तैयारी के साथ वह साथियों संग दिल्ली आया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने चार आरोपियों को दबोच लिया। 
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पुलिस की पूछताछ में फैय्याज ने खुलासा किया था कि सोपोर जिला कमांडर हैदर के इशारे पर वह अपने साथियों के साथ दिल्ली आया था।
वहीं शाहिद गफ्फूर ने खुलासा किया था कि उसने पुंछ के रास्ते 1998 और 2002 में भारत की सीमा पार की थी। 

               

वह पाकिस्तान से कई आतंकियों को लेकर भारत आया था। इस बीच वह जम्मू कश्मीर में रहा। इसी दौरान उसने राष्ट्रीय रायफल के कैंप पर हमला भी किया। 2007 में शाहिद को बाकी साथियों के साथ दिल्ली की ओर कूच करने के लिए कहा गया था। 
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उसके साथ बशीर, मजीद और फैय्याज अहमद व अन्य आए थे। हमले की तैयारी के लिए रेकी की जा रही थी, लेकिन उससे पूर्व ही स्पेशल सेल की टीम ने गफ्फूर व उसके बाकी तीन साथियों को दबोच लिया था। गफ्फूर अभी तिहाड़ जेल में बंद है।
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व्यवसाय में घाटा होने के बाद बना था आतंकी

पुलिस पूछताछ में फैय्याज ने खुलासा किया कि व्यवसाय में घाटा होने के कारण वह 2005 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था। कुपवाड़ा के मराहामा गांव का रहने वाला फैय्याज अहमद 11वीं कक्षा तक पढ़ा है। 

शादी के बाद उसने इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान खोली थी। इसके लिए उसने वर्ष 2000 में जम्मू कश्मीर बैंक से ब्याज पर रुपये लिए थे, लेकिन कारोबार में घाटा होने के बाद उसने 2004 में अपने फूफा के साथ मिलकर इलाहाबाद में शॉल का कारोबार शुरू किया।

इस बीच उसकी मुलाकात एलआईसी एजेंट व जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अल्ताफ अहमद किरमानी से हुई। अल्ताफ ने फैय्याज को मोटी रकम दिलवाने का वादा कर जैश में शामिल करवा दिया। 

अल्ताफ ने ही उसकी मुलाकात हैदर उर्फ डॉक्टर नामक जैश कमांडर से करवाई। इसके बाद वह जैश में शामिल होकर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। 

लगातार वह हमलों की तैयारी करने व अन्य गतिविधियों में शामिल रहने लगा। इस बीच वह पाकिस्तान में बैठ जैश के अन्य बड़े आतंकियों के संपर्क में भी रहा। बाद में 2007 में वह दिल्ली आया और यहां दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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