इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सह संस्थापक यासीन भटकल के सहयोगी असदुल्ला अख्तर ने मजिस्ट्रेट के समक्ष स्वीकार किया है कि पिछले वर्ष फरवरी में हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए ब्लास्ट की योजना में वह लिप्त रहा है।
इतना ही नहीं ब्लास्ट को अंजाम देने के लिए विस्फोटक भी एकत्रित किए थे।
भटकल व अख्तर के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दायर आरोप पत्र के अनुसार उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष पिछले वर्ष अक्तूबर में धारा 164 के तहत दर्ज करवाए अपने बयानों में माना है कि उसने पाकिस्तान में रह रहे आईएम के सहसंस्थापक रियाज भटकल के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया था।
इसी कड़ी में हैदराबाद के दिलसुखनगर में 21 फरवरी 2013 को दो ब्लास्ट किए गए थे। अख्तर ने मजिस्ट्रेट को बताया कि उसने दिसंबर 2012 में रियाज भटकल से चैट के जरिए हैदराबाद में कुछ करने के संबंध में चर्चा की।
इसी कड़ी में उसने बंगलोर में हवाला के जरिए पैसे प्राप्त किए। इसके बाद जनवरी 2013 में रियाज भटकल द्वारा भेजी विस्फोटक सामग्री प्राप्त की, जिसे दिलसुखनगर ले जाया गया।
आजमगढ़ निवासी अख्तर ने यह भी माना कि ब्लास्ट से पहले परीक्षण के तौर पर विस्फोट किया गया। परीक्षण सफल रहने के बाद ही विस्फोट की तैयारी की गई। योजना के तहत आईएम के सदस्य मोनू ने अल मिर्ची सेंटर में बम लगाया वहीं दूसरे सदस्य वकास ने दिलसुखनगर बस स्टैंड पर बम रख दिया। ब्लास्ट के दौरान वह भी वहीं पास में ही था। दोनों बम विस्फोट ने पूरे दिलसुखनगर को हिलाकर रख दिया था। इसमें 16 लोग मारे गए थे।