दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आईटी एक्सपर्ट एजाज शेख ने पूछताछ में खुलासा किया है कि आईएम राजधानी में वीआईपी लोगों को निशाना बनाने के अलावा बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाले बाजारों में बम धमाका करना चाहता था। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई थी।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह वीआईपी कौन हैं, जो आईएम आतंकियों के निशाने पर थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी संगठनों की ओर से धमकी मिल चुकी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एजाज के कब्जे से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खंगालने पर दिल्ली में बम धमाके करने की साजिश के सबूत मिले हैं।
डिवाइस में कई ई-मेल ऐसे हैं, जो आईएम आकाओं ने एजाज को पाकिस्तान से भेजे हैं। डिवाइस में आईएम के नापाक मंसूबों के बारे में विस्तार से ब्योरा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने आईएम की पूरी साजिश के बारे में बताने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि आईटी एक्सपर्ट एजाज को आईएम में भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके लिए एजाज ने आकाओं के कहने पर मुजफ्फरनगर को चुना था।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार रात एजाज को सहारनपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। पुलिस का मानना है कि एजाज की सहारनपुर से गिरफ्तारी होने से स्पष्ट होता है कि आईएम की पश्चिमी उत्तरप्रदेश खासकर मुजफ्फरनगर में टिकी हुई है। इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा के मेवात मोड्यूल का पर्दाफाश हुआ था।
इसके चीफ आतंकी अब्दुल सुभान का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लिंक सामने आया था। अब्दुल सुभान भी दंगा पीड़ित लोगों से मिलने के लिए मुजफ्फरनगर गया था। ऐसे में यह माना जा रहा है कि आईएम व लश्कर-ए-तैयबा जहां बम धमाकाकर तबाही फैलाना चाहते है, वहीं दंगा पीड़ितों को जेहाद के नाम पर भड़काकर आतंकी संगठनों में बतौर लड़ाके भर्ती करना चाहते हैं।